Home विडियो औरंगाबाद हिंसा: दंगों में विकलांग हुआ नईम, रोजी-रोटी का सता रहा डर

औरंगाबाद हिंसा: दंगों में विकलांग हुआ नईम, रोजी-रोटी का सता रहा डर

134
SHARE

बीते दिनों 26  मार्च को रामनवमी के मौके पर बिहार के औरंगाबाद में हुई सांप्रदायिक हिंसा में गोलीबारी से घयल हुए नईम की जान तो बच गई लेकिन वह अब कभी नहीं चल सकेगा.

पेशे से एम्बुलेंस चालक नईम दोनों पैरों से लाचार हो चूका है. साथ ही अब उसके सामने उसके और उसकी परिवार के पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी है. ऐसे में अब उसे  रोजी-रोटी का डर सता रहा है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

फिलहाल तो राज्य सरकार उसके इलाज का खर्च वहन कर रही है. लेकिन अब आगे और भी होनेवाले खर्चों की चिंता परिजनों को सत्ता रही है. उन्हें डर है तो बस इस बात का कि कहीं आगे होने वाले इलाज के खर्चों से सरकार कहीं अपना हाथ न खींच ले.

लोगों ने बताया कि नईम की कमाई से ही उसका पूरा परिवार चलता था मगर दिव्यांगता की वजह से अब उसके परिवार के समक्ष दो जून की रोटी की समस्या भी उठ खड़ी हो गयी है.

लोगों की मांग है कि सरकार को उसकी रोज़ी रोज़गार की व्यवस्था करनी चाहिए. अन्यथा पुरे घर को फाको में दिन गुजारने होगे

Loading...