छत्तीसगढ़ में ‘गोधन न्याय योजना’ शुरू, सरकार 2 रुपये किलो में खरीदेगी गोबर

छत्तीसगढ़  की बघेल सरकार ने ‘गोधन न्याय योजना’ (Godhan Nyay Yojana) शुरू की है। इस योजना के तहत सरकार पशुपालकों से दो रुपये प्रति किलो गोबर (Cow Dung) खरीदेगी। साथ ही गोबर का परिवहन खर्च भी देगी।

इस योजना के तहत राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्र के 2408 और शहरी क्षेत्रों के 377 गौठानों को शुरू किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के संचालन में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के साथ गांव के युवाओं की भी सक्रिय भागीदारी होगी। सरकार गोबर खरीदकर वर्मी कम्पोस्ट तैयार करेगी, जिसके माध्यम से प्रदेश जैविक खेती की दिशा में आगे बढ़ेगा।

गोधन न्याय योजना के माध्यम से तैयार किए जाने वाले वर्मी कम्पोस्ट खाद की बिक्री सहकारी समितियों के माध्यम से की जाएगी। राज्य में, किसानों के साथ, वन विभाग, कृषि, बागवानी, शहरी प्रशासन विभाग को वृक्षारोपण और बागवानी की खेती के समय बड़ी मात्रा में उर्वरक की आवश्यकता होती है। इस योजना के माध्यम से उत्पादित उर्वरक से इसकी आपूर्ति की जाएगी।

योजना के उद्घाटन के दौरान CM भूपेश बघेल ने कहा कि गोधन न्याय योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एक क्रांतिकारी योजना साबित होगी। इस योजना से राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा, खेती की जमीन की गुणवत्ता भी सुधरेगी। गांवों में रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर बढे़ंगे। आवारा पशुओं के कारण होने वाले सड़क हादसों में कमी आएगी। पर्यावरण में भी सुधार होगा।

गोधन न्याय योजना लागू होने से गोबर कलेक्शन और खाद बनाने के काम में लगभग साढ़े चार लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। खेती-किसानी में गोबर खाद से न केवल धान की पैदावार अधिक होती है, बल्कि उसका खुशबू और स्वाद भी बेहतर होता है।


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