लखनऊ एयरपोर्ट पर सुविधा बढ़ी नहीं और अडानी ने बढ़ा दिया दस गुना चार्ज, इस पर आप क्या कहेंगे?

पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत देश के कई हवाई अड्डों का संचालन कर रहे अडानी ग्रुप ने लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सुविधा शुल्क को बढ़ाकर दस गुना कर दिया। लेकिन सुविधाओं में कोई इजाफा नहीं हुआ। जिसको लेकर ग्रुप को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

‘द इकनॉमिक टाइम्स’ ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अडानी ग्रुप ने ने एक नई ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी को हायर किया है। जिसके कारण दस गुना तक चार्ज में वृद्धि की गई हैं। माना जा रहा कि अडानी जल्द अन्य 5 हवाई अड्डों को लेकर भी ऐसा ही कदम उठाएंगे। अडानी ग्रुप के पास लखनऊ सहित जयपुर, अहमदाबाद, गुवाहाटी, मैंगलोर और तिरुवनंतपुरम के हवाई अड्डों के संचालन की ज़िम्मेदारी है।

एक बिज़नस जेट ऑपरेटर ने नाम न बताने कि शर्त पर कहा “एयरपोर्ट की सुविधाओं में ऐसा कोई बदलाव नहीं नज़र आता, जिससे बढ़े हुए टैरिफ को उचित ठहराया जा सके। लखनऊ आने वाले ज़्यादातर बिज़नस फ्लाइट चिकित्सा निकासी उड़ानें हैं। ऐसे में दस गुना तक चार्ज बढ़ाना ठीक नहीं है।

इसी बीच कंपनी ने वित्त वर्ष 2021 में 4,197 करोड़ रुपये का दीर्घकालिक कर्ज लिया है। अडानी एयरपोर्ट्स होल्डिंग ने कहा कि यह अब भारत के कम से कम 10 प्रतिशत हवाई यात्री यातायात को पूरा करके ‘सबसे बड़ा भारतीय हवाई अड्डा मंच’ बन गया है। यह वित्त वर्ष 2020 में 200 मिलियन से अधिक उपभोक्ता बेस तक पहुंच गया है।

बुधवार को, अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी ने कहा कि उनकी कंपनी हर व्यवसाय में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दर्शन के लिए सच है, जो अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड सड़कों, पानी, हवाई अड्डों और डेटा केंद्रों में प्रवेश करने वाली कंपनी के साथ अडानी समूह और उसके शेयरधारक के लिए अच्छा है।