चंपावत के कलेक्टर अहमद इक़बाल डयूटी के बाद कर रहे मरीजों का फ्री इलाज

चिकित्सा लाइन से भारतीय प्रशासनिक सेवा के अफसर बने चंपावत के डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने जब मरीज़ों का इलाज किया तो हर कोई स्तब्ध रह गया।

दरअसल, डीएम डॉ. अहमद इकबाल अपनी मूल जिम्मेदारी से फारिग होने के बाद हमेशा से ही जिला अस्पताल में मरीजों की खिदमत करते है। 15 सितम्बर को उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण की मंजूरी मिलने के बाद उन्होंने खाली समय में मरीज़ों को देखना शुरू किया है। हर रोज वह 15 मरीजों तक का इलाज करते है।

डॉ. अहमद इकबाल ने 2010 में आईएएस में सेलेक्शन से ठीक पहले 2009 में उन्होंने कर्नाटक के कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, मैंगलोर से एमबीबीएस की डिग्री ली थी। इस बारे में डीएम डॉ. इकबाल का कहना है कि ज्ञान के सदुपयोग का प्रयास किया है।

उनका कहना है कि खाली समय में मरीजों को देखा करेंगे। इससे डॉक्टरों के ऊपर का दबाव तो कुछ कम होगा ही उनकी डॉक्टरी की पढ़ाई भी बेकार नहीं जाएगी। हालांकि, अब ज़िलाधिकारी की डॉक्टरी की प्रेक्टिस से लोगों को भी एक से ज़्यादा फ़ायदे होंगे। लोग अपने मर्ज़ का इलाज तो करवा ही सकेंगे, लगे हाथ उन्हें अपनी समस्याएं भी बता देंगे।


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