यूपी अल्पसंख्यक आयोग ने की तबलीगी जमात पर प्रतिबंध लगाने की मांग

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना (COVID-19) संक्रमण के मामलों के बीच राज्य अल्पसंख्यक आयोग के दो सदस्यों की ओर से राज्य के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर तबलीगी जमात पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। आयोग के सदस्य सरदार परविन्दर सिंह और कुंअर इकबाल हैदर ने ये मांग की है।

राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य परविंदर सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि लगातार निजामुद्दीन से आकर पूरे प्रदेश में जमातियों ने कोरोना महामारी को फैलाया है। ये लोग कभी मदरसों में, कभी मस्जिदों में, कभी मुस्लिम बस्तियों में छिपकर मासूम लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं और कोरोना वायरस फैला रहे हैं। हमारी राज्य सरकार से मांग है कि तबलीगी जमातियों को तत्काल प्रतिबंधित किया जाना चाहिये।

परविंदर सिंह ने कहा कि आयोग के सदस्यों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह संस्तुति (सिफारिश) की है। आयोग के तमाम सदस्यों ने इस मसले पर विचार-विमर्श किया और उसके बाद इस अंतिम नतीजे पर पहुंचे हैं। लिहाजा तबलीगी जमातियों पर प्रदेश सरकार तुरंत प्रतिबंध लगाए।

पत्र में राज्य के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की ओर से हाल ही में मीडिया में लिखे गये एक लेख का भी हवाला दिया गया है। इस लेख में तबलीगी  जमात के रिश्ते पाकिस्तान के एक आतंकी संगठन हरकत उल मुजाहिदीन से जोड़े गये हैं। इसके अलावा इस पत्र में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण से पीड़ित तब्लीगी जमात के लोग पुलिस और मेडिकल स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं, कानून का उल्लंघन कर रहे हैं।

इस पत्र में यह भी कहा गया है कि प्रदेश में अब तक जितने भी कोरोना संक्रमित लोग पाये गये हैं उनमें ज्यादातर तबलीगी जमात के ही लोग हैं। यह लोग मस्जिदों और मदरसों में छिपे हुए हैं और इनकी ही वजह से आसपास रहने वाले नागरिकों में भी कोरोना संक्रमण फैल रहा है।


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