कानपुर में ‘तालीम और वतन’ पर एमएसओ का सेमिनार आयोजित

कानपुर: मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (एमएसओ) की कानपुर यूनिट ने आज वेस्टर्न पब्लिक स्कूल रोशन नगर में ‘तालीम और वतन’ के विषय पर सेमिनार आयोजित किया। सेमिनार की शुरुआत कारी मोहम्मद रिजवान ने तिलावते कलाम ए पाक से की।

इस मौके पर मौलाना अबुलआस मिस्बाही सज्जादा नशीन खान काहे गुलजारिया ने कहा कि एक नेक समाज के लिए सबसे पहले अपनी इस्लाह करें ताकि हम जो बात दूसरों के दरमियान रखें वह असर अंदाज हो। उन्होंने कहा कि हम तालीम के जरिए से अपनी इस्लाह कर सकते हैं और कॉम मिल्लत की खिदमत भी अंजाम दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि यह एक तस्लीम शुदा हकीकत है कि किसी भी मुल्क की तरक्की में उस मुल्क के नौजवानों का किरदार सफ्फे ओउल के सिपाही की तरह होता है। मोआशरे की सलामती और अमन बरकरार रखने में नौजवानों का किरदार कलीद और नौजवानों की शिरकत से मोआश्रे में मुसबत तब्दीली को उजागर किया जा सकता है।

प्रोफेसर एस यू सिद्दीकी ने अपने खिताब में कहा कि मुल्क व कौम की तरक्की में नौजवानों का किरदार रीड की हड्डी की हैसियत रखता है। कोई भी मोआशरा नौजवानों के मुसबत किरदार के बगैर तरक्की नहीं कर सकता। इसलिए नौजवानों को चाहिए कि हमेशा मुसबत तरीके से आगे बढ़ने की कोशिश करें। अपने बुजुर्गों से सलाह मशवरा ले और हमेशा अपने आला मकसद की तरफ नजर रखें।

वहीं मौलाना हम्माद ने अपने खीताब में कहा कि इल्म ऐसा नूर है। जो जेहन को रोशन करता है जो दिल को रोशन करता है। जो दिमाग को रोशन करता है जो तलबा इस नूर से महरूम हैं। उनको इन उमूर की तरफ नजर करनी चाहिए जो इसकी राह में माने हैं। और जो नूर इल्म के लिए रुकावट बने हुए हैं उन रुकावट को दूर करें। उन राहों को साफ करें जिन राहों से जहन और दिल के अंदर नूर आता है।

मौलाना नजर मोहम्मद ने कहा कि नौजवान मुल्कों मिल्लत का मुस्तकबिल होते हैं। कौम के मेमार होते हैं किसी भी कौम में नौजवान कॉम का कीमती शरमाया हैं। नौजवान मिल्लत की तामीर ओ तरक्की में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। नौजवान दिमागी व जिस्मानी लिहाज से बाकी उम्र के तबकों से ज्यादा मजबूत होते हैं। हिम्मत वह जज्बा उनमें कूट-कूट कर भरा होता है। कठिन हालात का जवां मरदी से मुकाबला उनकी खूबी है।

उन्होने कहा, किसी भी कौम की तरक्की की जमानत नौजवानों में मुज्मर है उस कोम की राहे तरक्की में कोई भी रुकावट हाइल नहीं हो सकती जिसके नौजवान मेहनती व जिम्मेदार हों।  सेमिनार में आने वाले मेहमानों का इस्तकबाल इंजीनियर सोहेल अहमद ने किया, अबू अशरफ जीशान ने एम् एस ओ का ताअर्रुफ़ पेश किया।


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