CM योगी का लघु उद्योगों पर ज़ोर – MSME के लिए दिया ₹2505.58 करोड़ का ऋण

को’रोना महामारी और लॉकडाउन ने सबसे ज्यादा सूक्ष्म, छोटे और मंझोले उद्योगों को प्रभावित किया है। ऐसे में इन उद्योगो को एक बार फिर से पटरी पर लाने के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ₹2505.58 करोड़ का ऋण जारी किया।

बता दें कि प्रदेश में 31,542 सूक्ष्म, छोटे और मंझोले उद्योग है। सीएम योगी अब ‘एक जनपद एक उत्पाद सामान्य सुविधा केन्द्र योजना’ के ऑनलाइन रूपान्तरण का शुभारम्भ भी करेंगे। उन्होने कहा कि ऐसे ही ऋण मेले अगले एक माह में सभी 75 जिलों में आयोजित किए जाने चाहिए।

सीएम ने कहा आज प्रदेश में युवा वर्ग नौकरी के पीछे भागने की बजाय नौकरी देने की सोच के साथ अपने लक्ष्य तय कर रहा है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद-एक उत्पाद जैसी योजनाओं ने युवाओं को बड़ा सहारा दिया है। स्वरोजगार के कार्यक्रमों में महिलाओं-बेटियों ने खूब उत्साह दिखाया है। वैसे भी, लखनऊ की चिकनकारी जैसे परंपरागत शिल्प को महिलाओं की भूमिका हमेशा से ही रही है। प्रधानमंत्री जी ने जिस “आत्मनिर्भर भारत” की परिकल्पना की है, युवाओं की यही सोच, ऐसे प्रयास ही उसका आधार हैं।

सीएम योगी ने कहा कि बीते साल को’रोना की पहली लहर के दौरान हमारे सामने 40 लाख प्रवासी श्रमिकों के जीवन और जीविका को सुरक्षित करने की चुनौती थी। एमएसएमई इकाइयों ने इस दिशा में बहुत सराहनीय कार्य किया। बीते वर्ष भी को’विड काल में करीब 34 हजार एमएसएमई इकाइयों को वित्तीय सहायता दी गई थी, तो को’विड की दूसरी लहर के नियंत्रण में आते ही फिर से उद्योगों को ऋण उपलब्ध कराने का कार्यक्रम हो रहा है।

इस दौरान सीएम ने https://diupmsme.upsdc.gov.in/en पोर्टल का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजनांतर्गत कविता साहू और मंजू कश्यप को सिलाई, राहुल को बढ़ई, अमित कुमार को सुनार तथा रिजवान को नाई से जुड़े व्यवसाय के लिए जरूरी टूल-किट का उपहार भी दिया।