सीएम योगी ने मथुरा के उपायुक्त श्रम को किया निलंबित, दो दिन पहले SDM को बनाया था तहसीलदार

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुशासनहीनता और लापरवाही के चलते मथुरा के उपायुक्त श्रम रोजगार वीरेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया। साथ ही मामले की जांच संयुक्त विकास आयुक्त, आगरा मण्डल को सौंप दी। निलंबन अवधि में वह कार्यालय आयुक्त, ग्राम्य विकास, लखनऊ से सम्बद्ध रहेंगे।

वीरेंद्र कुमार पर मनमाने ढंग से काम करने, बिना अनुमति कार्यालय से अनुपस्थित रहने और डीएम द्वारा कारण बताओ नोटिस का जवाब न देने सहित अनुशासनहीनता के अनेक आरोप हैं। जिलाधिकारी मथुरा ने भी वीरेंद्र कुमार की कार्यशैली को लेकर नाराजगी जताई थी। मुख्यमंत्री ने इसे आदर्श शासकीय कार्यशैली के विपरीत आचरण माना है और तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया है।

दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के आरोपी और मेरठ जिले की सरधना तहसील में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) रहे भूपेंद्र सिंह को उपजिलाधिकारी के पद से डिमोट कर तहसीलदार बनाने का आदेश दिया है।

भूपेन्द्र इन दिनों मुजफ्फरनगर जिले में तैनात हैं। उन पर साल 2013 में मेरठ की सरधना तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव शिवाया, जमाउल्लापुर के राजस्व अभिलेखों में चारागाह के तौर पर दर्ज 1.583 हेक्टेयर भूमि को निजी बिल्डर को आवंटित कर देने का आरोप था।

मामले में दोषी एक अन्य तत्कालीन एसडीएम, एक अपर आयुक्त, एक तहसीलदार (अब सेवानिवृत्त) एक राजस्व निरीक्षक और एक लेखपाल के खिलाफ भी कार्रवाई चल रही है।