अनाथ बच्चों से मिलकर सीएम योगी ने बांटा दुख-दर्द, भरण-पोषण उठाने का भी लिया जिम्मा

शुक्रवार को कोरोना से अपने माता-पिता को खो चुके बच्चों से मिलने के लिए खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे। उन्होने गोरखनाथ मंदिर में इन बच्चों से मुलाकात की। इसके अलावा वह जेल रोड पर स्थित एक बाल आशय गृह भी पहुंचे।

दोनों ही जगहों पर उन्होने बच्चों को प्यार और दुलार दिया। साथ ही अफसरों को हिदायत दी कि बच्चों को किसी तरह की कमी न हो। उन्होने कहा कि माता पिता का न रहना बेहद दुखदायी है लेकिन चिंता मत करो, मैं हूं ना। सीएम योगी ने कहा कि बच्चों के साथ सरकार हर पल खड़ी है।

इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद बच्चों से उनका नाम भी पूछा। बच्चों ने जब सीएम योगी को गायत्री मंत्र व महामृत्युंजय मंत्र सुनाया तो वह खुश हो गए। एक मासूम बच्ची ने मुख्यमंत्री को अंग्रेजी का अल्फाबेट सुनाया। बच्चों ने उन्हें योग के बारे में भी बताया। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को वस्त्र व उपहार भी प्रदान किया।

सीएम ने आश्रय गृह की संचालिका उषा दास से कहा कि बच्चों की परवरिश व शिक्षा में कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए, सरकार हर संभव मदद देगी। संचालिका ने बताया कि यहां इस समय कुल 40 बच्चेहैं। 22 बच्चे शून्य से लेकर 2 साल तक के हैं, बाकी 18 बच्चे 2 से लेकर 6 वर्ष के हैं।

इस दौरान उन्होने बच्चों के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों ने कोरोना के चलते अपने माता पिता या घर के कमाऊ अभिभावक को खोया है, उनके पालन पोषण व पढ़ाई लिखाई की जिम्मेदारी सरकार उठाएगी। इन बच्चों के लिए केंद्र व राज्य सरकार ने कई प्राविधान किए हैं।