प्राइवेट यूनिवर्सिटी के चांसलर बने सीएम योगी, पद भार संभालते ही किया बड़ा कार्य

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महायोगी गोरखनाथ विश्‍वविद्यालय के कुलाधिपति नियुक्त हुए है। विश्‍वविद्यालय में इसी सत्र से अध्‍यापन कार्य प्रारम्‍भ हो जाएगा।

जानकारी के अनुसार, सीएम योगी ने विश्‍वविद्यालय को 52 एकड़ जमीन उपलब्‍ध कराई है। सीएम योगी ने 2005 में इस विश्‍वविद्यालय की परिकल्‍पना पर काम करना शुरू कर दिया था। परिसर में गोरक्षपीठ की शै‍क्षणिक संस्था महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद द्वारा संचालित नर्सिंग कालेज में पहले से ही 600 बच्‍चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

विश्वविद्यालय के कार्य परिषद की पहली बैठक भी 24 जून को होगी। बैठक में कई प्रस्‍तावों पर मुहर लगेगी। कार्य परिषद की बैठक के साथ ही विश्वविद्यालय के संचालन की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी।  करीब 200 एकड़ में अत्याधुनिक संसाधनों के साथ स्थापित होने वाले इस विश्वविद्यालय में बीएएमएस में 150 विद्यार्थियों का प्रवेश इस सत्र में होगा।

गोरखपुर के महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज जंगल धूसड़ के प्राचार्य डॉ प्रदीप राव को कुलसचिव नियुक्त किया गया है। कार्य परिषद की अध्यक्षता कुलपति रिटायर्ड मेजर जनरल डॉ. अतुल बाजपेयी करेंगे। कुल सचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव कार्य परिषद के पदेन सचिव होंगे।

सदस्य के रूप में जिन्हें नामित किया है, उनमें धर्माचार्या महंत योगी मिथिलेश नाथ, महाराणा प्रताप इंटर कालेज के पूर्व प्राचार्य रामजन्म सिंह, अधिवक्ता प्रमथ नाथ मिश्र, कैंसर रोग विशेषज्ञ डा. सीएम सिन्हा, आयुर्वेदाचार्य डा. एसएन सिंह, गुरु श्रीगोरक्षनाथ कालेज आफ नर्सिंग की प्रधानाचार्य डा. डीएस अजीथा और दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की शिक्षाशास्त्र विभाग की आचार्य प्रो. शोभा गौड़ शामिल हैंं।