अलवर हत्याकांड: बच सकती थी अकबर की जान, पुलिस ने मानी अपनी गलती

राजस्थान के अलवर में गौरक्षकों की गुंडागर्दी की भेंट चड़े अकबर के मामले में पुलिस की मिलीभगत और लापरवाही के खुलासे के बाद अब राजस्थान के स्पेशल डीजी ने पुलिस की लापरवाही की बात स्वीकार कर ली है।

इस मामले में असिस्टेंट सब इन्सपेक्टर (ASI) सहित तीन कॉन्स्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया गया है। स्पेशल डीजी एन आर के रेड्डी ने माना कि अगर सही समय में पुलिस ने कार्यवाही की होती तो ये घटना ना होती।

रेड्डी ने कहा कि मौका-ए-वारदात को देखने पर पाया गया कि अगर समय पर पुलिस ने रकबर को अस्पताल पहुंचा दिया होता तो उसकी मौत नहीं होती। इस घटना में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में भी ले लिया है जिनसे पूछताछ की जा रही हैं।

रेड्डी ने कहा कि मौका-ए-वारदात को देखने पर पाया गया कि अगर समय पर पुलिस ने रकबर को अस्पताल पहुंचा दिया होता तो उसकी मौत नहीं होती। इस घटना में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में भी ले लिया है जिनसे पूछताछ की जा रही हैं।

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि राज्य में सरकार की सरपरस्ती में मॉब लिंचिंग की घटनाएं हो रही हैं और इन सबके लिए सरकार जिम्मेदार है, जो एंटी सोशल लोगों पर कार्रवाई नहीं करती है। एक व्यक्ति को भीड़ पीट-पीट कर मार देती है और सरकार कुछ नहीं करती है। सरकार गुंडा तत्वों को संरक्षण दे रही है।

सचिन ने कहा कि बीजेपी विधायक ज्ञानदेव आहूजा से पुलिस को पूछताछ करनी चाहिए कि आखिर कैसे उन्हें इस घटना की पूरी जानकारी है। कहीं उनकी संलिप्ता तो नहीं है।


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