तुर्की भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा, एर्दोगान खुद को ‘खलीफा’ बनाने के लिए चला रहे अभियान: सिंघवी

कांग्रेस नेता अभिषे मनु सिंघवी ने तुर्की को भारत के खिलाफ सबसे बड़ा अदृश्य खतरा करार देते हुए कहा कि राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान खुद को ‘खलीफा’ के तौर पर स्थापित करने के लिए अभियान चला रहे हैं।

सिंघवी ने कहा कि एर्दोगान हमेशा भारत के खिलाफ रहे हैं और तुर्की के धार्मिक संचालक में भारत में कट्टरपंथियों की आर्थिक मदद कर रहे हैं। सिंघवी ने कहा, तुर्की हमारे लिए सबसे बड़ा अदृ्श्य खतरा है। एर्दोगान हो या उनके कोई भी सहयोगी विश्वास के लायक नहीं है’।

उनका ये बयान फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ की शूटिंग के सिलसिले में तुर्की गए आमिर खान की वहां फर्स्ट लेडी एमीन एर्दोगान से मुलाक़ात के संदर्भ में लिया जा रहा है। हालांकि दूसरे ट्वीट में सिंघवी नेकहा कि उनके पहले वाले बयान को अमिर से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि न तो मैंने आमिर को टैग किया है और न उनका उल्लेख किया है। यह मेरे तुर्की को लेकर नजरिया है। सिंघवी ने कहा कि आमिर खान के स्वतंत्र नागिरक हैं जिससे चाहें वह मिल सकते हैं।

बता दें कि अभिषे मनु सिंघवी हाल ही में आरएसएस के समर्थन को लेकर चर्चा में आए थे। दरअसल उन्होने आरएसएस पर बैन लगाने की मांग का विरोध किया।

अपने ट्वीट में सिंघवी लिखते हैं, ‘आर्थिक परिदृष्य को ध्यान में रखते हुए भारत को अति लेफ्ट और राइट विचारों की जरूरत है। इसी तरह गैर हिंदू और हिंदू विचारों की जरूरत है। इसलिए आरएसएस पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता है। यह जरुरी है कि सभी तरह के लोग हमें सच्चे अर्थों में बहुलवादी बनाएं। आरएसएस पर बैन से असहमत हूं। उतना ही जितना आरएसएस के बहुत से विचारों से।’


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