मुस्लिमों के इलाज से मना करने वाले अस्पतालों और डॉक्टर पर हो सख्त कार्रवाई: उमर कासमी

भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस के सचिव मौलाना उमर कासमी ने कोरोना महामारी के समय मुस्लिमों के साथ इलाज में हो रहे भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए केंद्र की मोदी सरकार से ऐसे अस्पतालों और डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

उन्होने कहा कि यूपी के मेरठ में  वैलेंटिस कैंसर अस्पताल ने अखबारों में विज्ञापन देकर मुस्लिमों का इलाज करने से इंकार किया। बड़ी ही शर्मनाक हरकत है। उन्होने कहा कि अस्पताल ने देश की दूसरी सबसे बड़ी अल्पसंखयक आबादी का अपमान किया है।

कासमी ने इससे पहले राजस्थान के भरतपुर में एक गर्भवती मुस्लिम महिला का डॉक्टर ने इलाज करने से मना कर दिया था। परिणामस्वरूप जयपुर जाते समय महिला का रास्ते में ही प्रसव हो गया और बच्चे ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया।

कांग्रेस सचिव ने कहा कि कुछ डॉक्टर की ये हरकत पूरे डॉक्टर पेशे को कलंकित कर रही है। उन्होने कहा कि दुनिया भर में डॉक्टर को भगवान के बाद दूसरा दर्जा दिया गया है। उन्होने कहा कि केंद्र सरकार इस तत्काल ऐसे मामलों में हस्तक्षेप करते हुए डॉक्टर और अस्पतालों का लाइसेंस रद्द कर देना चाहिए और रासुका लगाकर जेल में डाल देना चाहिए।


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