इंदौर में भीलवाड़ा मॉडल अपनाए शिवराज सिंह, राजस्थान सरकार की लें मदद: मौलाना उमर कासमी

भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस सचिव मौलाना उमर कासमी ने प्रदेश की व्यवसायिक राजधानी इंदौर में तेजी बढ़ रहे कोरोना के मामलो को लेकर चिंता जाहीर करते हुए शिवराज सरकार से तुरंत भीलवाड़ा मॉडल को अपनाने की बात कहीं।

कासमी ने कहा कि इंदौर जिले में अब तक कोविड-19 से संक्रमित 57 लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट में 91 नए मरीज सामने आए हैं। इसके बाद मरीजों की कुल संख्या 1176 हो चुकी है। इससे पहले गुरुवार को 56 और शुक्रवार को 85 नए संक्रमित सामने आए थे।

उन्होने कहा कि इंदौर में कोरोना वायरस के प्रकोप पर काबू पाने का सबसे बेहतर तरीका फिलहाल ‘भीलवाड़ा मॉडल’ ही है। जिसकी पूरे देश में चर्चा में है। उन्होने कहा कि ‘भीलवाड़ा मॉडल’ के जरिये ही खतरनाक कोरोना वायरस के चेन को तोड़ा जा सकता है। उन्होने बताया कि एक समय राजस्थान में भीलवाड़ा कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट बन गया था। लेकिन अब वहाँ कोरोना पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है।

कासमी ने बताया कि भीलवाड़ा में बढ़ते मामले को देखते हुए जांच की गति बढ़ा दी गई थी और सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन किया गया। इतना ही नहीं घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की गई। पहले ही जिले की सीमाओं को सील कर दिया गया, हर किसी की आवाजाही को रोक दिया गया और फिर सरकार द्वारा गठित रैपिड रिस्पॉन्स टीम का जिला प्रशासन ने सही से इस्तेमाल किया। लोगों में कोरोना के लक्षण मिलते ही, उन्हें क्लारंटाइन किया गया, उन पर कड़ी निगरानी रखी गई।

कांग्रेस सचिव ने कहा कि शिवराज सरकार को इंदौर सहित पूरे प्रदेश में कोरोना से निपटने के लिए राजस्थान सरकार की मदद से भीलवाडा मॉडल को लागू कर देना चाहिए। उन्होने शंका जताई कि इंदौर में ‘कम्युनिटी ट्रांसमिशन’ शुरू हो सकता है। ऐसे में सरकार को जल्द कठोर फैसला लेना चाहिए।


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