प्रसाद की तरह मुफ्त में बांटा जा रहा राजद्रोह का आरोप: कन्हैया कुुमार

भाकपा नेता कन्हैया कुमार ने शुक्रवार को कहा कि राजद्रोह के आरोप ‘‘प्रसाद की तरह नि:शुल्क’’ बांटे जा रहे हैं, हालांकि आतं’कवादियों के साथ गिरफ्तार एक पुलिस अधिकारी पर अब तक देशद्रोह का आरोप नहीं लगाया गया है।

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र नेता जम्मू कश्मीर के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह का जिक्र कर रहे थे। कन्हैया पर भी चार साल पहले पहले राजद्रोह का आरोप लगा था।

उन्होंने सीएए-एनपीआर-एनआरसी के खिलाफ राज्यव्यापी ‘जन गण मन यात्रा के दौरान एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ”राजद्रोह के आरोप प्रसाद की तरह नि:शुल्क बांटे जा रहे हैं…कर्नाटक में महज एक नाटक के आधार पर स्कूली बच्चों को नामजद किया गया है। यह तब है जब एक पुलिस अधिकारी आतं’कवादियों के साथ पकड़ा गया जिस पर अब तक यह आरोप नहीं लगाया गया है।

कन्हैया ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘आज जन-गण-मन यात्रा के नौवे दिन कटिहार और भागलपुर में जन-सभाओं का आयोजन हुआ। इस जनविरोधी सरकार ने देश के युवाओं की जवानी बर्बाद की है, अब देश के बेरोजगार इनके रिटायरमेंट का प्लान बर्बाद करेंगे।’

बता दें कि इससे पहले कन्हैया कुमार ने एक ट्वीट किया था, “हिन्दू होने और संघी होने में क्या फ़र्क़ है? हिन्दुओं के लिए धर्म आस्था है और संघियों के लिए धंधा।” इसपर लोग उन्हें ट्रोल करने लगे।


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