सचिन पायलट की कांग्रेस से छुट्टी, डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया गया

जयपुर: बगावती तेवर अपनाए जाने के बाद आखिरकार कांग्रेस ने सचिन पायलट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हे पार्टी से निकाल दिया गया है। इसके साथ ही उन्हे डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया है। इसके अलावा सचिन के तीन समर्थक मंत्रियों पर भी कार्रवाई की गई है।

इससे पहले जयपुर की एक होटल में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में यह प्रस्ताव पारित हुआ है कि सचिन पायलट समते जो विधायक इस बैठक में नहीं आए हैं, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। अब गहलोत के निवास पर शाम साढ़े सात बजे राज्य मंत्रीमंडल की बैठक होगी। इसके बाद आठ बजे से काउंसिल ऑफ़ मिनिस्टर्स की बैठक होगी।

सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि बीजेपी के मंसूबे पूरे नहीं होंगे। बीजेपी छह महीने सरकार गिराने की साजिश कर रही थी। अशोक गहलोत ने कहा, “मजबूरी में आकर हमने अपने तीन साथियों को हटाया है। हमने किसी की शिकायत नहीं की। खुशी किसी को नहीं है, कांग्रेस हाईकमान को भी खुशी नहीं है।

उन्होंने कहा कि “हमने लगातार उन्हें मौका दिया है, हमने मंगलवार की बैठक भी इसलिए बुलाई कि वे लोग इसमें शामिल हो सकें। लेकिन वे लोग लगातार फ्लोर टेस्ट कराने की मांग कर रहे हैं, अब बताइए कांग्रेस का कोई विधायक ऐसी मांग कर सकता है।

बताया जा रहा है कि पायलट ने पार्टी नेताओं के सामने तीन मांगें रखी थीं। इसमें से पहली मांग यह थी कि चुनाव से एक साल पहले, 2022 में उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया जाए। दूसरी मांग यह थी कि पायलट के साथ बगावत करने वाले मंत्रियों और विधायकों को उचित स्थान दिया जाए।  तीसरी मांग थी कि कांग्रेस महासचिव अविनाश पांडे के राजस्थान का प्रभार वापस ले लिया जाए।