कमलनाथ सरकार में 20 मंत्रियों का इस्तीफा, सिंधिया की भाजपा में जाने की अटकलें

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर  संकट गहराता ही जा रहा है। हलाकी सरकार को इस परेशानी से उबारने के लिए कैबिनेट के 20 मंत्रियों ने कमलनाथ को अपना इस्तीफा सौंप दिया। लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बागी तेवर दिखा दिये है। सिंधिया के गुट वाले 17 विधायकों, जिसमें 6 मंत्री शामिल हैं, ने इस्तीफा देने की पेशकश कर दी।

कमलनाथ ने कैबिनेट बैठक सरकार पर आए उस संकट का समाधान निकालने के लिए बुलाई थी, जो सिंधिया गुट के 6 मंत्रियों के बेंगलुरु जाने के बाद खड़ा हुआ। इन मंत्रियों के साथ 12 विधायक भी बेंगलुरु चले गए हैं। खबर ये भी है कि कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।

एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया कि बंगलूरू गए सभी विधायकों के मोबाइल बंद हैं। उधर, सोमवार देर रात कमलनाथ मंत्रिमंडल की बैठक में सिंधिया खेमे के छह मंत्री मौजूद नहीं थे। उन्होंने इस्तीफा भी नहीं दिया है। इससे पहले कमलनाथ अपना दिल्ली दौरा बीच में ही छोड़कर भोपाल लौट आए थे।

वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के विद्रोह की अटकलों के बीच कमलनाथ ने आनन-फानन में अपने आवास पर आपात बैठक बुलाई। कमलनाथ ने कैबिनेट बैठक में कहा, मैं माफिया की मदद से किसी को भी अपनी सरकार नहीं गिराने दूंगा। मैंने अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा में लगा दिया, लेकिन भाजपा मेरी सरकार गिराने के लिए अनैतिक हथकंडे अपना रही है।

मध्य प्रदेश के सियासी उठापटक पर बीजेपी की रणनीति भी शुरू हो गई। मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से दिल्ली में मुलाकात की। यह साफ है कि दोनों ही नेताओं के बीच मध्यप्रदेश के ताजा राजनीतिक घटनाक्रम पर बातचीत हुई।

भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा से जब पूछा गया कि क्या भाजपा कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का पार्टी में स्वागत करेगी पर कहा कि भारतीय जनता पार्टी में सभी का दिल से स्वागत है। हम जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को भी शामिल करते हैं, सिंधिया जी बहुत बड़े नेता हैं, उनका निश्चित रूप से स्वागत है।


    देश के अच्छे तथा सभ्य परिवारों में रिश्ता देखें - Register FREE