चीन के साथ सीमा विवाद पर बोले राहुल गांधी – सरकार की चुप्पी से अनिश्चितता बनी हुई

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी सेना जंग की तैयारियों में जुटी नजर आ रही है।  एक तरफ जहां दिल्ली और बीजिंग में इस मसले के हल को लेकर राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी है तो दूसरी और चीन ने गलवन घाटी के सामने एलएसी के किनारे तोप और टैंक तैनात किए हैं।

इसी बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मामले में मोदी सरकार की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि  चीन के साथ सीमा पर स्थिति को लेकर सरकार की चुप्पी के चलते संकट के इस समय में अटकलबाज़ी ज़ोर पकड़ रही है और अनिश्चितता बनी हुई है। भारत सरकार को भारत को साफ-साफ बताना चाहिए, क्या हो रहा है।

बता दें कि पांच मई को पूर्वी लद्दाख के पेगोंग झील क्षेत्र में भारत और चीन के लगभग 250 सैनिकों के बीच लोहे की छड़ों और लाठी-डंडों से झड़प हो गई थी. दोनों ओर से पथराव भी हुआ था। इस घटना में दोनों देशों के सैनिक घायल हुए थे। इसी तरह की एक अन्य घटना में नौ मई को सिक्किम सेक्टर में नाकू ला दर्रे के पास दोनों देशों के लगभग 150 सैनिकों के बीच झड़प हो गई थी।

पैंगोंग त्सो झील और गलवान घाटी में, एलएसी से लगे कई इलाकों में भी दोनों पक्षों की ओर से सैनिकों की संख्या में बड़ी संख्या में वृद्धि देखी गई है। चीन ने गलवान घाटी में कम से 40-50 तंबू लगाये हैं, जिसके बाद भारत ने अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं। थल सेना ने गलवन घाटी और पैगांग त्सो इलाके में यूएवी (अनमैंड एरियल व्हीकल) तैनात कर दिए हैं।  वहीं, वायुसेना ने भी पूर्वी लद्दाख में अपनी गतिविधियों को बढ़ाते हुए चिनूक हेलीकॉप्टर को अग्रिम इलाकों में उतारा है।

लेह स्थित सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर के अधीन सेना की 81 और 114 ब्रिगेड ने चीनी सेना से निपटने के लिए अपने जवानों और अधिकारियों को चौबीस घंटे ऑपरेशनल मोड में रहने के आदेश दिए हैं। आला सूत्रों ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि सैटेलाइट तस्वीरों के एक विस्तृत विश्लेषण में पता चला है कि चीन की तरफ से खींच कर ले जा सकने वाली तोपें और टैंकों की व्पापक तैनाती की गई है। सैटेलाइट तस्वीरों में कम से कम 16 टैंकों की मौजूदगी भी दिखाई देती है। इनमें पैदल सेना के साथ अन्य वाहन भी हैं।


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