राहुल गांधी की PM मोदी से मांग – सीधे मजदूरों के खाते में किया जाये कैश ट्रांसफर

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह आर्थिक पैकेज पर पुनर्विचार करे और लोगों के खातों में सीधे पैसे डाले क्योंकि इस वक्त उन्हें कर्ज की नहीं, बल्कि सीधी आर्थिक मदद की जरूरत है। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से न्याय योजना को लागू करने की मांग की।

राहुल गांधी ने कहा कि “जब बच्चों को चोट पहुंचती है, तो मां उनको कर्जा नहीं देती, बल्कि राहत के लिए तुरंत मदद देती है। कर्ज का पैकेज नहीं होना चाहिए था, बल्कि किसान, मजदूरों की जेब में तुरंत पैसे दिए जाने की आवश्यकता है।” राहुल ने कहा कि डिमांड को स्‍टार्ट करने के लिए अगर हमने पैसा नहीं दिया तो बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान होगा। उन्‍होंने कहा कि ‘प्‍यार से बोल रहा हूं, इस पैकेज को सरकार रिकंसीडर करे।’

कांग्रेस नेता ने कहा, मैं विनती करता हूं कि नरेंद्र मोदी जी को पैकेज पर पुनर्विचार करना चाहिए। किसानों और मजदूरों को सीधे पैसे देने के बारे में सोचिए। मैंने सुना है कि पैसे नहीं देने का कारण रेटिंग है। कहा जा रहा है कि वित्तीय घाटा बढ़ जाएगा तो बाहर की एजेंसियां हमारे देश की रेटिंग कम कर देंगी। हमारी रेटिंग मजदूर, किसान, छोटे कारोबारी बनाते हैं। इसलिए रेटिंग के बारे में मत सोचिए, उन्हें पैसा दीजिए। आप न्याय जैसी योजना लागू कर सकते हैं। आप इसे कोई और नाम दे सकते हैं।

राहुल गांधी ने ये भी कहा कि सरकार को धीरे-धीरे सावधानी और समझदारी के साथ लॉकडाउन को हटाना पड़ेगा। सरकार को यह देखना होगा कि कोरोना वायरस की वजह से लोगों की जान न जाए। उन्होंने कहा कि आप यह मत सोचिए की तूफान आ गया है, यह आ रहा है और बड़े आर्थिक नुकसान का कारण बनेगा और इससे कई लोगों को नुकसान झेलना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि ये समय किसी को गलत बताने का नहीं है, बल्कि इस बहुत बड़ी समस्या के समाधान का समय है। प्रवासी मजदूरों की समस्या बहुत बड़ी है। हम सबको इनकी मदद करनी है। विपक्ष का भी काम है कि वो मिलकर काम करे। राज्यों के बीच सामंजस्य में कमी रह सकती है, उसका समाधान करना होगा। कुल मिलाकर हमें आगे बढ़कर जो समस्या आने वाली है, उसका समाधान करना चाहिए।

बता दें कि बीतें लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि सरकार बनने पर वह ‘न्यूनतम आय गारंटी योजना’ (न्याय) लागू करके हर गरीब परिवार को 72 हजार रुपये की सालाना आर्थिक मदद देगी।


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