Home राजनीति SC/ST एक्ट विवाद: जेडीयू नेता ने उठाया अलग ‘हरिजिस्तान’ का मुद्दा

SC/ST एक्ट विवाद: जेडीयू नेता ने उठाया अलग ‘हरिजिस्तान’ का मुद्दा

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SC/ST एक्ट में सुप्रीम कोर्ट की और से किए गए कुछ बदलाव को लेकर दलितों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. बीते दिनों भारत बंद 14 से ज्यादा मौते हो चुकी है. इसके अलावा सेकड़ों घायल हुए है.

इसी बीच बिहार में पूर्व मंत्री रह चुके और जेडीयू नेता रमई राम ने मंगलवार को अलग ‘हरिजिस्तान’ का मुद्दा उठाया है. उन्होंने कहा, यदि देश के अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय के लोगों को संविधान द्वारा मिले अधिकार नहीं दिये गये और उन अधिकारों की रक्षा नहीं की गई तो भारत में अलग हरिजिस्तान की मांग फिर से उठ सकती है.

उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग अनुसूचित जाति और जनजाति के अधिकारों में कटौती करने की साजिश रची जा रही है. बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा आजादी के वक्त पाकिस्तान के बाद हरिजिस्तान की मांग उठाये जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 70 सालों तक सरकार ने समाज में भाईचार और प्रेम कायम रखा, लेकिन अब मौजूदा सरकार की नजर दलितों के विधि सम्मत अधिकारों पर है. उन्होंने कहा कि अब इस वर्ग के सुरक्षा और विकास की बात को पीछे रखा जा रहा है.

केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान को निशाने पर लेते हुए रमई राम ने कहा कि पासवान दलित समाज के हित की बात करने की बजाय अपने परिवार को फायदा पहुंचाने के लिए मोदी के साथ राजनीति कर रहे हैं.

उन्होंने दलित संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद को एतिहासिक बताते हुए मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा देने की मांग की. जेडीयू नेता ने कहा कि ऐसे लोगों के परिवार वालों को सरकार को आर्थिक मदद और सामाजिक सम्मान दिया जाना चाहिए.