भारत में दूसरी लहर में एक करोड़ लोग हुए बेरोजगार, राहुल बोले – ‘प्रधानमंत्री का हॉल ऑफ शेम’

कोरोना महामारी की दूसरी लहर में भारत में एक करोड़ लोगों का रोजगार छिन गया है। वह अपनी नौकरियों और काम-धंधों से हाथ धो बैठे है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन एकोनॉमी (CMIE) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी महेश व्यास के अनुसार, बेरोजगारी दर मई में 12 प्रतिशत तक पहुँच गई जो अप्रैल में 8 प्रतिशत थी। जिसका सीधा सा अर्थ है कि करीब एक करोड़ भारतीय बेरोजगार हो गए।

महेश व्यास ने सोमवार को कहा कि ‘‘अर्थव्यवस्था में कामकाज सुचारू होने के साथ कुछ हद तक समस्या का समाधान हो जाने की उम्मीद है। लेकिन यह पूरी तरह से नहीं होगा’’ व्यास के मुताबिक, जिन लोगों की नौकरी गई है, उन्हें नया रोजगार तलाशने में दिक्कत हो रही है, असंगठित क्षेत्र में रोजगार तेजी से पैदा होते हैं, लेकिन संगठित क्षेत्र में अच्छी नौकरियों के आने में समय लगता है।

उन्होंने कहा कि सीएमआई ने अप्रैल में 1.75 लाख परिवार का देशव्यापी सर्वे का काम पूरा किया। इससे पिछले एक साल के दौरान आय सृजन को लेकर चिंताजनक स्थिति सामने आयी है। व्यास के अनुसार सर्वे में शामिल परिवार में से केवल 3 प्रतिशत ने आय बढ़ने की बात कही जबकि 55 प्रतिशत ने कहा कि उनकी आमदनी कम हुई है। सर्वे में 42 प्रतिशत ने कहा कि उनकी आय पिछले साल के बराबर बनी हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर महंगाई दर को समायोजित किया जाए, हमारा अनुमान है कि देश में 97 प्रतिशत परिवार की आय महामारी के दौरान कम हुई है।’’

इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने ट्वीट करके लिखा, न्यूनतम जीडीपी और अधिकतम बेरोजगारी ये है प्रधानमंत्री का हॉल ऑफ शेम। इससे पहले उन्होने लिखा,  ‘एक आदमी और उसका अहंकार + एक वायरस और उसके म्यूटेंट्स।’

इसके अलावा राहुल गांधी ने मोदी सरकार से ब्लैक फंगस की तैयारियों को लेकर भी सवाल पूछा। राहुल गांधी ने पूछा, ब्लैक फंगस महामारी के बारे में केंद्र सरकार स्पष्ट करे कि Amphotericin B दवाई की कमी के लिए क्या किया जा रहा है? मरीज को ये दवा दिलाने की क्या प्रक्रिया है और इलाज देने की बजाए मोदी सरकार जनता को औपचारिकताओं में क्यों फंसा रही है।