ओवैसी ने दी चेतावनी – ईद उल अजहा पर पशु व्यापारियों का न हो उत्पी’ड़न

AIMIM अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना पुलि’स को ईद उल अजहा पर पशु व्यापारियों के उत्पी’ड़न को लेकर चेताया। उन्होने कहा, गोरक्षकों, पुलि’स और अन्य अधिकारियों द्वारा पशु व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों का उत्पीड़’न रोका जाना चाहिए है।

ओवैसी ने कहा कि हैदराबाद, साइबराबाद, राचकोंडा और पूरे तेलंगाना क्षेत्र के अन्य स्थानों में असामाजिक तत्वों द्वारा चिंताजनक स्थिति पैदा करने की कोशिश की जा रही है। ईद उल अजहा की पूर्व संध्या पर गौरक्षक बैलों और भैंसों का व्यापार करने वाले या परिवहन करने वाले व्यक्तियों को परेशान करने की कोशिश करते आ रहे हैं।

सांसद ने पुलि’स महानिदेशक एम. महेंद्र रेड्डी को एक पत्र लिखा, जिसमें उनसे राज्य के विभिन्न स्थानों, विशेषकर हैदराबाद में बैलों और भैंसों के परिवहन को लेकर हस्तक्षेप करने और हैदराबाद, साइबराबाद, राचकोंडा और अन्य पुलिस आयुक्तों और पु’लिस अधीक्षकों के साथ-साथ हम नगरपालिका, राजस्व और पशुपालन अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी करने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि चेक पोस्ट पर तैनात पुलि’स अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया जाए कि वे बैलों और भैंसों के व्यापारियों/ट्रांसपोर्टरों को परेशान न करें और मामले दर्ज न करें या मवेशियों को जब्त न करें। एआईएमआईएम महासचिव और विधायक सैयद अहमद पाशा कादरी और एमएलसी सैयद अमीन उल हसन जाफरी ने मंगलवार को अपनी पार्टी के नेता की ओर से डीजीपी को ज्ञापन सौंपा।

सांसद ने बताया कि ईद के दौरान मुसलमान तीन दिन तक बकरे, भेड़ और बैल की कु’र्बानी देते हैं। परंपरागत रूप से, बकरीद की पूर्व संध्या पर हजारों भेड़ और बकरियां और सैकड़ों बैल हैदराबाद और अन्य मुख्य कस्बों और शहरों में बिक्री के लिए लाए जाते हैं। तेलंगाना राज्य के 44 लाख मुसलमानों में से लगभग 50 प्रतिशत ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) क्षेत्र में रहते हैं।

उन्होंने डीजीपी से पुलि’स अधिकारियों को यह निर्देश देने का आग्रह किया कि वे पशु चिकित्सकों से वध के लिए जानवरों की फिटनेस की उम्र पर प्रमाण पत्र पर जोर न दें, वाहनों में जानवरों की तथाकथित भीड़भाड़ के लिए मामला दर्ज न करें क्योंकि संख्या पर कोई मानदंड नहीं हैं। ऐसे जानवर जिन्हें विभिन्न प्रकार के हल्के वाणिज्यिक और भारी वाहनों में ले जाया जा सकता है और बछड़े होने का दावा करके बड़ी संख्या में बैलों को जब्त नहीं किया जा सकता है।