पीएम मोदी की ‘दीया अपील’ पर बोले ओवैसी – यह देश कोई इवेंट कंपनी नहीं….

कोरोना महामारी के बीच थाली बजाने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि वो इस रविवार (5 अप्रैल) को रात नौ बजे घर की बालकनी में दीया जलाने की अपील की है। इस पर शुक्रवार को एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी सरकार को निशाने पर लिया।

ओवैसी ने ट्विटर पर ट्वीट कर कहा, ‘यह देश कोई इवेंट कंपनी नहीं है। भारत के लोग भी इंसान हैं, जिनके अपने सपने और आशाएं हैं। हमारी जिंदगियों को 9 मिनट के हथकंडों में ना घटाएं।’ उन्होने कहा, ‘हम किसी नए ड्रामे की अपेक्षा यह जानना चाहते हैं कि कोरोना संक्रमण से लड़ाई के संबंध में सरकार की ओर से राज्‍यों और गरीब लोगों को क्‍या-क्‍या मदद मिलेगी।’

ओवैसी ने अपने अगले ट्वीट में लिखा है कि यह ट्यूब-लाइट आइडिया वास्तव में यूनीक था। पूरे भारत में लाखों भूखे, गरीब और बेघर लोग प्रवासियों के रूप में अपने घरों के लिए जा रहे हैं, मैं पूछना चाहता हूं: लाइट कहां है। ओवैसी ने आगे पीएमओ से कहा है कि मुझे पता है कि आप केवल पॉजिटिव वाइब्स चाहते हैं और कुछ मुद्दों को उठाना नहीं चाहते हैं, लेकिन लाइट कहां है?

अपने तीसरे ट्वीट में ओवैसी ने लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट में आपके वकीलों का कहना है कि इन प्रवासियों में से एक तिहाई शायद संक्रमण ले जा रहे हों जबकि आपका स्वास्थ्य मंत्रालय कहता है कि भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन का कोई प्रमाण नहीं है। लाइट कहां है, पीएमओ।

अपने चौथे ट्वीट में एआईएमआईएम मुखिया ने लिखा है कि एक अनियोजित लॉकडाउन का मतलब गरीबों का अधिक से अधिक कष्ट सहना है। आपने उन्हें अमीरों के दान और राज्यों की सीमित आर्थिक क्षमताओं के सहारे छोड़ दिया है। जब सीएम आपसे वित्तीय राहत मांगते हैं, तो आप उनसे अपनी लाइट बंद करने को कहते हैं?

अपने पांचवे ट्वीट में ओवैसी ने लिखा है कि अंधकारमय बैंकिंग क्षेत्र के बारे में पीएमओ का क्या कहना है? हमारी बढ़ती एनपीए समस्या दूर नहीं हो रही है। आपका पूर्व-कोरोना संकटग्रस्त आर्थिक संकट अब एक आसन्न वित्तीय आपदा बन जाएगी. हमारी बचत का क्या होगा? बैंकों का क्या होगा?

अपने छठवें ट्वीट में ओवैसी ने लिखा है कि अपने लाखों, करोड़ों के ‘राहत’ पर कुछ लाइट डालें। इससे भारत के 90% मजदूरों को फायदा होगा जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं।


    देश के अच्छे तथा सभ्य परिवारों में रिश्ता देखें - Register FREE