USCIRF की रिपोर्ट पर बोले ओवैसी – अमेरिका ने भारत को पाक-सीरिया के बराबर खड़ा कर दिया

एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) की और से जारी वार्षिक रिपोर्ट को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि  ‘USCIRF ने धार्मिक स्वतंत्रता की लिस्ट में पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और सीरिया के बराबर रखा। इससे ये साफ हो गया है कि पीएम मोदी का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से गले मिलना काम नहीं आया।’

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि USCIRF ने भारत के खिलाफ प्रतिबंध की सिफारिश की है। ओवैसी ने ट्वीट किया, ” पीएमओ द्वारा नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम का आयोजन करने के बावजूद USCIRF की रिपोर्ट ने भारत को बर्मा, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और सीरिया के बराबरी में रखा है। USCIRF ने अन्य उपायों के अलावा भारत के खिलाफ प्रतिबंध की सिफारिश की है। साफ है कि गले लगाना कोई काम नहीं आया, हो सकता है कि अगली बार आप कुछ असल में डिप्लोमेसी दिखाएं।”

ओवैसी ने अपने ट्वीट USCIRF की रिपोर्ट का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है। ओवैसी के मुताबिक अमेरिका की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि धार्मिक स्वतंत्रता के हनन के लिए जिम्मेदार भारत सरकार की एजेंसियों और अफसरों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। इनकी संपत्तियों को सीज किया जाए और अमेरिका में इनकी एंट्री रोकी जाए।

USCIRF ने अपनी रिपोर्ट में भारत सरकार पर आरोप गया है कि देशभर में अभियानों के जरिए धार्मिक रूप से अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और प्रताड़ना की संस्कृति बनाई गई है। कमीशन ने कहा है कि 2019 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दोबारा सत्ता में आने के बाद से भारत में सरकार ने अपने मजबूत संसदीय बहुमत के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर ऐसी नीतियां बनाई हैं, जिनसे पूरे देश में धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन जारी है। खासकर मुस्लिमों के खिलाफ।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है, “गृह मंत्री अमित शाह ने प्रवासियों को खत्म किए जाने वाले दीमक तक कहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ बदला लेने की बात कही और कहा कि उन्हें बिरयानी नहीं गोली दी जाएगी।”

भारत ने अमेरिका के धार्मिक स्वतंत्रता पर एक आयोग की आलोचनाओं को खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘हम यूएससीआईआरएफ की सालाना रिपोर्ट में भारत को लेकर की गयी टिप्पणियों को खारिज करते हैं। भारत के खिलाफ उसके ये पूर्वाग्रह वाले और पक्षपातपूर्ण बयान नये नहीं हैं। लेकिन इस मौके पर उसकी गलत बयानी नये स्तर पर पहुंच गयी है।’’


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