ओवैसी ने लॉकडाउन को बताया असंवैधानिक, राज्यों की चुप्पी पर भी उठाए सवाल

कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए लगे देशव्यापी लॉकडाउन को आईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने ‘असंवैधानिक’ करार दिया और मांग की कि राजग सरकार संकटग्रस्त प्रवासी मजदूरों को राहत देने के लिए कदम उठाए।

ओवैसी ने सोमवार रात एक ऑनलाइन जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘यह लॉकडाउन असंवैधानिक है। भारत सरकार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन कानून, महामारी कानून के तहत पूरे देश को लॉकडाउन में नहीं रख सकती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह संघवाद के खिलाफ है। यह राज्य का विषय है। मुझे पता नहीं कि राज्य सरकारें क्यों चुप हैं।’’

महाराष्ट्र के औरंगाबाद में 16 प्रवासी मजदूरों की ट्रेन से कुचलने से मौत की घटना का जिक्र करते हुए ओवैसी ने दावा किया कि लॉकडाउन बिना योजना के लागू किया गया और प्रवासी श्रमिक परेशानी में हैं।

एआईएमआईएम नेता ने सामाजिक दूरी बनाकर रखने की जरूरत को रेखांकित किया और महाराष्ट्र में मालेगांव के लोगों से दूरी बनाकर रखने और अनुशासन का पालन करने की अपील की जहां वायरस तेजी से फैल रहा है। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और राज्य सरकार में शामिल अन्य नेताओं से मालेगांव के संबंध में ध्यान देने को कहा।

तेलंगाना के भैंसा में हाल ही में हुई कथित सांप्रदायिक झड़पों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इस घटना पर कड़ा संज्ञान लेना चाहिए। साथ ही मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जो भी इस घटना के दोषी हों चाहे वो किसी धर्म या जाति के हों उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए। ओवैसी ने नागरिकता संशोधन अधिनियम और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत दिल्ली में कुछ महिलाओं की कथित गिरफ्तारी को अपवाद बताया।


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