उमर अब्दुल्ला ने उठाई ईद पर कश्मीरी नेताओं की रिहाई की मांग

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नजरबंद किए गए सभी सियासी नेताओं को रिहा करने की अपील की है। उमर ने ईद के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए सभी राजनीतिक कैदियों की रिहाई के आदेश देने की मांग की है। जम्मू कश्मीर में ईद के मौके पर कैदियों की रिहाई का रिवाज भी रहा है।

उमर का कहना है कि सियासी नेताओं ने कुछ भी गलत नहीं किया है कि उन्हें इस तरह की सजा दी जाए। उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट करते हुए लिखा, ”हम सब ईद से बस कुछ ही दिन दूर हैं। नरेंद्र मोदी जी को जम्मू कश्मीर के सभी राजनीतिक कैदियों कि रिहाई के आदेश देने चाहिए। चाहे वह जेल में हो या घर में नज़रबंद किए गए हों। इन सब ने कुछ ऐसा नहीं किया है जो इतनी देर तक बंद रखा जाए।”

अपने दूसरे ट्वीट में वह लिखते हैं, ‘जम्मू और कश्मीर सरकार को 3 अप्रैल को अली मोहम्मद सागर की पीएसए में नजरबंदी के खिलाफ दायर याचिका पर जवाब देना था और आज भी वह ऐसा करने में नाकाम रही। कोर्ट ने भी खुशी से सरकार को अपने खेल को चलाने में 1 जून तक का समय दे दिया है। साफ है कि उनके पास कोई उचित जवाब नहीं है।’

गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 में के कुछ प्रावधान खत्म किए जाने के बाद राज्य के 200 से अधिक राजनैतिक लोगों को सरकार ने जेल भेज दिया था। बाद में इनमें से कुछ लोगों को रिहा कर दिया गया था। हालांकि अभी भी 30  से अधिक नेताओं को नजरबंद किया गया हुआ है।

हाल ही में जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के विरुद्ध जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत उनकी हिरासत की मियाद मई महीने की शुरुआत में तीन महीने के लिए बढ़ा दी गई थी। इसी तरह पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेशनल कांफ्रेंस के नेता अली मोहम्मद सागर और पीडीपी के वरिष्ठ नेता और मुफ्ती के रिश्तेदार सरताज मदनी की हिरासत को भी तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया था।


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