NRC पर बोले असम सरकार के मंत्री – काम अभी नई हुआ पूरा, हिंदुओं के साथ न्याय बाकि

विवादास्पद राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) को लेकर असम सरकार के मंत्री हेमंत बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा कि बराक घाटी क्षेत्र में रहने वाले हिंदुओं के साथ “न्याय” किया जाना बाकि है।

उन्होने एनआरसी का काम को अधूरा बताते हुए गुरुवार को कहा, “हमने बराक वैली के हिंदुओं को न्याय देने का वादा किया है। प्रतीक हजेला की वजह से एनआरसी अब भी अधूरा है। हम करीब-करीब 90 प्रतिशत काम कर चुके हैं। हमें हिंदुओं को न्याय दिलाने के लिए कुछ और काम करने की जरूरत है।” उन्होंने कहा, “मां भारती को मानने वाले हजारों लोग अब भी डिटेंशन कैंप में सड़ रहे हैं।”

बता दें कि सीधे सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में प्रकाशित एनआरसी की सूची 31 अगस्त, 2019 में प्रकाशित हुई थी, जिसमें 1,906,657 लोगों के नाम नहीं थे। कुल 33,027,661 आवेदकों में से 31,121,004 लोगों के नाम शामिल किए गए थे।

राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, सूची में जिन 19 लाख से अधिक लोगों के नाम शामिल नहीं हुए थे उसमें 5.56 लाख हिंदू और 11 लाख मुस्लिम थे। तत्कालीन एनआरसी राज्य समन्वयक प्रतीक हजेला ने इसे अंतिम सूची बताया था।

हालांकि एनआरसी समन्वयक हितेश शर्मा ने गुवाहाटी हाईकोर्ट को बताया है कि भारत के रजिस्ट्रार जनरल (आरजीआई) द्वारा एनआरसी की अंतिम सूची अभी जारी की जानी बाकी है।