मोदी के मंत्रिमंडल विस्तार में नहीं मिली किसी मुस्लिम को जगह, नकवी अकेला चेहरा

बुधवार को नरेंद्र मोदी कैबिनेट के विस्तार में नए उम्मीदवारों के चुनाव में किसी भी मुस्लिम को शामिल नहीं किया गया। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ही पूरी केबिनेट में अकेले मुस्लिम चेहरा रहे।

भाजपा के राज्यसभा सदस्य जफर इस्लाम उम्मीदवारों में से एक थे, लेकिन उन्हें जगह नहीं मिली, जबकि एमजे अकबर के इस्तीफे के बाद, अटकलें थीं कि मुस्लिम समुदाय के एक व्यक्ति को शामिल किया जा सकता है।

कांग्रेस प्रवक्ता मीम अफजल ने कहा: “भाजपा से कोई उम्मीद नहीं होनी चाहिए। क्योंकि दूसरा सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय उनके एजेंडे में नहीं है।”

वहीं मुस्लिम मजलिस-ए-मुशावरत के अध्यक्ष नावेद हामिद ने कहा: “मुसलमान भाजपा से कुछ भी उम्मीद नहीं करते हैं, सिवाय इसके कि वे संवैधानिक जनादेश का पालन कर ले … देश में सबसे अधिक उत्पी’ड़ित, सबसे अधिक हाशिए पर रहने वाला और सबसे अधिक भेदभाव वाला समुदाय की जितना अधिक वे उपेक्षा करते हैं, जितना अधिक वे भेदभाव करते हैं, उतना अपने पूर्वाग्रह और शातिर एजेंडे के खिलाफ उजागर होते हैं।

उन्होने आगे कहा, अगर उन्होंने और प्रतिनिधित्व दिया होता, तो भारतीयों को समुदाय की बेहतरी के लिए उस मुस्लिम व्यक्ति से किसी अच्छे की उम्मीद नहीं होती।

बता दें कि नई कैबिनेट में 27 ओबीसी और 20 एससी-एसटी समुदाय से मंत्री है। जिसमे अनुसूचित जाति समुदाय से 12 नए मंत्री हैं तथा अनुसूचित जनजाति समुदाय से 8 सदस्य हैं।