मेरी लड़ाई सिद्धांतों के लिए है, किसी भी पद के लालच में नहीं: सचिन पायलट

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ  वार्ता के तुरंत बाद, राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सोमवार रात कहा कि वह पदों के लिए नहीं बल्कि सिद्धांतों के लिए उनकी लड़ाई है।

एक महीने पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बगावत करने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से पायलट ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने और अन्य विधायकों ने संगठनात्मक मुद्दों को उठाया। जिसमे एसओजी द्वारा दर्ज राजद्रोह का मामला और राज्य में शासन की शैली शामिल है। उन्होने आशा व्यक्त की कि शिकायतों को जल्द ही हल किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “हम सभी ने मिलकर पांच साल तक मेहनत की और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनाई और उस सरकार में हम सब भागीदार हैं. लेकिन जहां पर मुझे आपत्तियां थीं. जहां पर मुझे लगा कि अपनी बात रखना बहुत ज़रूरी है, तो कांग्रेस के समक्ष मैंने उस बात को रखा.”

सचिन पायलट प्रसन्नता ज़ाहिर करते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि आज कांग्रेस अध्यक्षा (सोनिया गांधी), पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी जी ने और प्रियंका गांधी जी ने, हम सभी ने विस्तार से आज चर्चा की। साथ ही जो हमारे साथी विधायक हैं, उन सभी की बातों को और चिंताओं को प्लैटफॉर्म पर रखा।

पायलट ने कहा कि मुझे किसी पद की लालसा नहीं है, पार्टी ने पद दिया है और पार्टी इसे वापस ले सकती है। उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ कुछ व्यक्तिगत टिप्पणियां की गईं, मेरा मानना है कि राजनीति में इस तरह की बयानबाजी का स्थान नहीं है। पायलट ने इस बात की भी जानकारी दी है कि पार्टी की ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया है कि तीन सदस्यीय कमेटी तमाम मुद्दों को हल करेगी जो उनकी तरफ से उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा, “जो सैद्धांतिक मुद्दे थे, गवर्नेंस के जो मुद्दे थे, मैं चाहता था वो मुद्दे सुने जाएं। ताकि पार्टी और सरकार उन वादों पर खरी उतर सके, जिन वादों को कर के हम सत्ता में आए थे।” राहुल गांधी ने भी उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, जिससे सचिन पायलट संतुष्ट हैं। सचिन पायलट को आश्वस्त किया गया है कि पार्टी में उनकी वापसी पूरे मान-सम्मान के साथ सुनिश्चित की जाएगी।


    देश के अच्छे तथा सभ्य परिवारों में रिश्ता देखें - Register FREE