मुस्लिमों को अब अपना धर्म छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा: ओवैसी

आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अध्यक्ष और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने मुस्लिमों के धर्म-परिवर्तन से जुड़ी खबरों को लेकर कहा कि अब भारत में मुस्लिमों को अपना धर्म छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

ओवैसी ने ट्वीट कर कहा, – पहले तो मुस्लिमों को सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक मुख्यधारा से बाहर किया गया और अब उन्हें अपना धर्म छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ओवैसी ने आगे लिखा, “हम डर की वजह से हमारा मज़हब, हमारी पहचान और पूजा (इबादत) का हमारा तरीका नहीं छोड़ेंगे। किसी भी तरह का जबरन “शुद्धिकरण” स्वतंत्र रूप से चुने गए मज़हब को छोड़ने के लिए हमें मजबूर नहीं कर सकता है। इंशाअल्लाह।”

इससे पहले उन्होने यूपी की योगी सरकार पर मुस्लिमों को निशाना बनाने का आरोप लगाया था। उन्होने लिखा था कि “आखिर क्यों यूपी सरकार मुसलमानों और गरीबों के प्रति निर्दयी होने का कोई भी मौका नहीं छोड़ती है? अगर कोरोना टेस्ट में निगेटिव आए तबलीगी जमात के सदस्यों को दिल्ली और मध्य प्रदेश डिस्चार्ज कर रहे हैं तो फिर उन्हें रहने के लिए मजबूर क्यों किया जा रहा है? इस अक्षमता और सांप्रदायिकता की कीमत जन्म नहीं लेने वालों को भी चुकानी पड़ रही है।”

इसके साथ ही उन्होने एक खबर को भी शेयर किया। जिसमे दावा किया गया कि गुंटूर की गर्भवती महिला को COVID-19 के लिए बार-बार परीक्षण नकारात्मक होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में एक “अस्थायी जेल” में जबरन रखा गया था। उसे कैद में गर्भपात हो गया था लेकिन फिर भी उसे अस्पताल ले जाने के लिए  तीन दिन तक इंतजार करना पड़ा।


    देश के अच्छे तथा सभ्य परिवारों में रिश्ता देखें - Register FREE