कोरोना संकट से निपटने के लिए राज्यों को वित्तीय मदद दें मोदी सरकार: कांग्रेस सचिव कासमी

भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस सचिव मौलाना उमर कासमी ने केंद्र की मोदी सरकार से कोरोना संकट में राज्यों को वित्तीय मदद देने की मांग की। उन्होने कहा कि केंद्र की वित्तीय सहायता के बिना कोरोना के खिलाफ लड़ाई कमजोर होगी।

उन्होने कहा कि लॉकडाउन को एक महीने से ऊपर का वक्त गुजर चुका है। राज्यों के राजस्व में भारी गिरावट आई है। राज्यों में एक बड़ी आबादी गरीब और मजदूर वर्ग से है। जिसकी मदद करना राज्य सरकारों की प्राथमिकता में है।

कामसी ने कहा कि मध्यम वर्ग के भी आर्थिक हालात ठीक नहीं है। माइक्रो, स्मॉल एवं मीडियम स्केल उद्योग, जो 11 करोड़ से अधिक भारतीयों को रोजगार देता है। पिछले एक महीने से पूरी तरह से ठप्प है। ऊपर से कर्ज का बोझ और मजदूरों के वेतन ने छोटे और मझोले व्यापारियों का भार बढ़ा दिया है। इसके अलावा इस वर्ग पर भी गरीबों की मदद करने का भी बोझ पड़ रहा है।

कांग्रेस सचिव ने कहा, किसानों ने अगली खरीफ फसल की बुवाई की तैयारियां भी शुरू कर दी है। लेकिन सरकार के पास आसान ऋण, बीज, कीटनाशक, खाद आदि उपलब्ध कराए जाने के लिए भी कोई योजना नहीं बनाई गई। सरकार फिलहाल रबी की फसल ही खरीद नहीं पाई।

उन्होने कहा, रबी की फसल में गेंहू की प्रमुख फसल है। जिसकी इस बार बंपर पैदावार हुई है। इस बार करीब 4 करोड़ टन गेहूं की खरीद होने का अनुमान है। लेकिन सरकारी गोदाम पहले से ही पुराने गेंहू से भरे पड़े है। उन्होने कहा, अगर पुराना गेंहू गरीबों में नहीं बांटा गया तो बारिश में नए गेंहू के खराब होने की संभावना है।


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