इस्लामोफोबिया पर बोले नकवी – अल्पसंख्यक फल-फूल रहे, ‘मोदी फोबिया क्लब’ को हजम नहीं हो रहा

केंद्रीय अल्पसंख्यक मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि भारत में इस्लामोफोबिया और मुस्लिमों के खिलाफ माहौल की बातों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होने कहा, देश में अल्पसंख्यक फल-फूल रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में अल्पसंख्यक वर्ग के लोग सम्मान के सशक्तीकरण में बराबर के भागीदार हैं।

‘इस्लामोफोबिया-बोगस बैशिंग ब्रिगेड की बोगी’ शीर्षक से लिखे गए ब्लॉग में नक़वी ने कहा, मोदी सरकार में सभी का विकास हो रहा है। इसे देश का ‘मोदी फोबिया क्लब’ हजम नहीं कर पा रहा है और इसलिए यह क्लब असहिष्णुता, सांप्रदायिकता और अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव की मनगढ़ंत बाते कर रहा है।

नकवी ने अपने लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए मौजूदा सरकार की ओर से अल्पसंख्यकों के लिए चलाई जा रही योजनाओं और इनसे हो रहे लाभ का भी जिक्र किया है। उन्होंने यह टिप्पणी उस वक्त की गई है जब भारत में कोरोना संकट के समय कथित ‘इस्लामोफोबिया का माहौल होने को लेकर कई अरब देशों में आलोचनात्मक टिप्पणियां की गई हैं।

अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने आरोप लगाया, एक तरफ हर भारतवासी प्रभावशाली नेतृत्व पर गौरवान्वित है, वहीं बौखलाया-बदहवास पेशेवर ‘मोदी फोबिया क्लब’ ने ‘इस्लामोफोबिया’ कार्ड के जरिये झूठे, मनगढंत तर्कों, तथ्यों से कोसों दूर दुष्प्रचारों से भारत के शानदार समावेशी संस्कृति, संस्कार और संकल्प पर पलीता लगाने की फिर से साजिशी सूत्र का ताना-बाना बुनना शुरू कर दिया है।

उन्होंने ये भी कहा है कि मोदी के कार्यकाल में इस्लामी देशों के साथ के आजादी के बाद से अब तक के सबसे ज्यादा दोस्ताना और करीबी रिश्ते बने हैं। यहां तक कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, अफगानिस्तान और कई अन्य देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सबसे बड़े नागरिक सम्मान से नवाज चुके हैं।


    देश के अच्छे तथा सभ्य परिवारों में रिश्ता देखें - Register FREE