पूर्व पीएम मनमोहन सिंह बोले – शर्म की बात कि पढ़े लिखे युवा रोजगार के लिए भटक रहे

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को कहा कि यह शर्म की बात है कि पढ़े लिखे होने के बावजूद हमारे युवकों को रोजगार के लिए भटकना पड़ता है और ऐसे में यदि दिल्ली में कांग्रेस सत्ता में आती है तो बेरोजगारी से निपटने के लिए ‘ठोस कदम’ उठाये जायेंगे।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ मैं कुछ ऐसे मुद्दे उठाना चाहता हूं जो आज युवाओं से जुड़े हैं। शिक्षा पर इतना सारा पैसा खर्च करने के बाद भी उन्हें रोजगार के लिए भटकना पड़ता है। यह शर्म की बात है।’’ मशहूर अर्थशास्त्री सिंह ने यह भी कहा कि दिल्ली में बेरोजगारी की दर पिछले चार महीने में 15 फीसद थी जो अन्य स्थानों की तुलना में बहुत ज्यादा है।

उन्होंने कहा, ‘‘ कांग्रेस लोगों के लिए प्रतिबद्ध है और यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो बेरोजगारी से निपटने के लिए ठोस कदम उठाये जायेंगे। हमारा जोर बेरोजगारी (हटाने) पर होगा।’’ उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में फैक्ट्री श्रमिकों की संख्या 2013-14,जब शीला दीक्षित सरकार सत्ता में थी, से 2017-18 में घटी है।

उन्होंने कहा, ‘‘ 2013-14 में फैक्ट्री श्रमिकों की संख्या 75,273 थी जो 2017-18 में घटकर 68,630 हो गयी।’’ उन्होंने कहा कि वे कोई नया वादा या दावा नहीं करना चाहते हैं, बल्कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में जो कहा गया है उसे पूरा करने के लिए कांग्रेस पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस रोजगार के साधन लाने के साथ-साथ ओद्यौगिक क्षेत्र में गैर प्रदूषण रहित उद्योग को बढ़ावा देगी। शहरी गरीबी दूर करने के लिए समुचित नौकरी की व्यवस्था की जाएगी। लोगों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जाएगा।


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