मध्य प्रदेश में सोमवार को होगा फ्लोर टेस्ट, जयपुर से कांग्रेस विधायकों की वापसी शुरू

नई दिल्ली: ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में जाने के बाद राज्यपाल लालजी टंडन ने शनिवार को कमलनाथ की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार को बहुमत साबित करने के लिए सोमवार को फ्लोर टेस्ट करवाने का आदेश दिया।  इस बीच जयपुर भेजे गए कांग्रेस विधायक मध्य प्रदेश वापस आने के लिए जयपुर एयरपोर्ट से भोपाल के लिए रवाना हो चुके हैं।

राज्यपाल ने कहा कि सदन में उनके संबोधन के तुरंत बाद बहुमत परीक्षण होगा। उन्होंने कहा कि वोटिंग डिविजन के माध्यम से होगी और पूरी कार्यवाही की वीडिगोग्राफी एक स्वतंत्र वीडियोग्राफर द्वारा करायी जाएगी। राज्यपाल ने यह भी कहा कि इस दिन विधानसभा में कोई अन्य काम नहीं होगा।

दरअसल, भाजपा ने टंडन से फ्लोर टेस्ट का आदेश देने का अनुरोध करते हुए कहा कि “सोमवार से सदन में बजट सत्र शुरू होना है। सदन में बहुमत साबित किए बिना सरकार द्वारा कोई फैसला लेना या कदम उठाना असंवैधानिक होगा। वहीं मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर ने आज तक से बातचीत में कहा कि फ्लोर टेस्ट का आदेश देने का हक गवर्नर के पास नहीं है। यह अधिकार स्पीकर का होता है।

बता दें कि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक 22 विधायक बेंगलुरु में हैं। इनमें 6 मंत्री भी थे। इन सभी 22 विधायकों ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इनमें से छह विधायक जो राज्य में मंत्री थे, उनके इस्तीफे को विधानसभाध्यक्ष एनपी प्रजापति ने मंजूर कर लिया है।

कांग्रेस के 6 विधायकों जिनके इस्तीफे स्वीकार हुए हैं वे हैं- इमरती देवी, तुलसी सिलावट, प्रद्युमन सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, गोविंद सिंह राजपूत और प्रभु राम चौधरी। एनपी प्रजापति ने कहा कि कांग्रेस के 6 विधायकों को हाजिर होने का नोटिस जारी किया गया था. 6 विधायकों का आचरण अयोग्य निकले। विधानसभा की प्रक्रिया के तहत 276 नियम के तहत 6 विधायकों के 10 मार्च से इस्तीफे मंजूर किए गए।


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