शरद पवार बोले – लक्षद्वीप प्रशासक के फैसले ‘तर्कहीन’, पीएम मोदी करे हस्तक्षेप

राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने बुधवार को अपने फैसलों को लेकर लक्षद्वीप के प्रशासक की आलोचना करते हुए कहा कि इससे आजीविका के पारंपरिक साधनों और द्वीप की अनूठी संस्कृति का विनाश होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में पवार ने उनसे हस्तक्षेप की मांग की और कहा कि प्रशासक द्वारा लिए गए फैसले ‘अनुचित और तर्कहीन’ थे।

दमन और दीव के प्रशासक प्रफुल्ल खोड़ा पटेल को पिछले साल दिसंबर में लक्षद्वीप का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।पद संभालते ही उन्होने नए कानून बना दिये। एंटी-सोशल एक्टिविटी रेगुलेशन 2021, लक्षद्वीप एनिमल प्रिजर्वेशन रेगुलेशन 2021 को बदलना शामिल है। इसके अलावा बाहरी लोगों के लिए RT-PCR टेस्ट अनिवार्य किया गया।

पवार ने कहा, “लक्षद्वीप प्रशासक द्वारा लिए गए इन फैसलों से आजीविका के पारंपरिक साधनों और लक्षद्वीप की अनूठी संस्कृति का विनाश होगा। इसके परिणामस्वरूप पहले ही भारी अशांति और विरोध हो चुका है।” पूर्व केंद्रीय मंत्री ने मांग की कि लक्षद्वीप प्रशासन के मौजूदा अधिकारियों द्वारा लिए गए आदेशों और फैसलों की फिर से जांच की जाए और लक्षद्वीप प्रशासन को अनुचित आदेशों को वापस लेने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएं।

उन्होंने पत्र में कहा कि एक नए प्रशासक की नियुक्ति, जो जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर काम करती है और स्थानीय लोगों के साथ काम करने के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाती है, की बहुत सराहना की जाएगी। पवार ने संकट के समाधान के लिए प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की।

राकांपा प्रमुख ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि उनकी पार्टी के सांसद मोहम्मद फैसल द्वारा प्रशासक के फैसलों पर उठाए गए मुद्दों और पीएम के हस्तक्षेप की मांग की।