No menu items!
31.1 C
New Delhi
Friday, September 17, 2021

लक्षद्वीप में नए आदेशों के खिलाफ केरल विधानसभा पारित करेगी प्रस्ताव

- Advertisement -

केरल विधानसभा सोमवार को लक्षद्वीप पर एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित करने जा रही है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य नए आदेशों के विरुद्ध लक्षद्वीप की जनता के साथ अपनी एकजूटता प्रदर्शित करना है। दरअसल, प्रशासक प्रफुल पटेल के आदेशों के कारण केंद्रशासित राज्य में उथल-पुथल शुरू हो गई हो।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन द्वीप के लोगों की चिंताओं का तत्काल समाधान करने की मांग के साथ सुबह प्रस्ताव पेश करेंगे। प्रस्ताव में लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल खोड़ा पटेल द्वारा पारित विवादास्पद आदेशों को वापस लेने की भी मांग की गई है, जिन्होंने पिछले साल दिसंबर में पदभार संभाला था।

केरल के मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार चल रहे सत्र में प्रस्ताव पेश करेगी। मुझे उम्मीद है कि विपक्ष को भी कोई आपत्ति नहीं होगी और वे इसका समर्थन करेंगे क्योंकि इसके कई सदस्य पहले ही इस तरह की मांग उठा चुके हैं। इसलिए, इस मामले पर एकमत है।”

लक्षद्वीप के निवासी असामा’जिक गतिविधि विनियमन विधेयक, 2021, या गुं’डा अधिनियम, द्वीप क्षेत्र में लागू करने सहित आदेशों के एक नए सेट का विरोध कर रहे हैं। कानून के आलोचकों का कहना है कि बिल अनावश्यक है क्योंकि द्वीप की अप’राध दर “पहले से ही बहुत कम” है। लक्षद्वीप सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन के संबंध में निर्वाचित जिला पंचायत की स्थानीय प्रशासनिक शक्तियों का नियंत्रण भी अपने हाथ में ले लिया। इसने श’राब की बिक्री को भी मंजूरी दे दी, बीफ पर प्रतिबंध लगा दिया और आंगनवाड़ी बच्चों के मेनू से मांसाहारी भोजन को खत्म कर दिया।

लक्षद्वीप एक गैर-माद’क क्षेत्र है क्योंकि द्वीप की बहुसंख्यक आबादी में मुस्लिम शामिल हैं। पिछले सप्ताह के दौरान, लक्षद्वीप के सांसद और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता मोहम्मद फैजल, कांग्रेस विधायक शफी परम्बिल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी नेताओं सहित कई नेताओं ने केंद्र और स्थानीय प्रशासन से जनता की मांगों पर ध्यान देने और नए आदेश वापस लेने का आह्वान किया।

केरल के मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में कांग्रेस विधायक शफी परम्बिल ने कहा, “लक्षद्वीप में जो हो रहा है वह केंद्र सरकार के संघ परिवार के एजेंडे को लागू करने के लिए एक सांस्कृतिक आ’क्रमण है।” उन्होंने आगे आरोप लगाया, फा’सीवादी एजेंडे को लागू करने के लिए प्रशासक सिर्फ एक साधन था। कांग्रेस ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखकर आरोप लगाया कि लक्षद्वीप के वर्तमान प्रशासक ने सत्तावादी कदम उठाए हैं और उन्हें वापस बुलाने की मांग की है।

- Advertisement -

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest article