येदियुरप्पा बोले – मुस्लिमों के खिलाफ नहीं सहेंगे एक शब्द, बीजेपी एमएलए ने ही दिया भड़काऊ बयान

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा एक क्षेत्रीय मीडिया चैनल से कहा कि “किसी को भी मुसलमानों के खिलाफ एक शब्द नहीं बोलना चाहिए। यह एक चेतावनी है। अगर कोई किसी अलग घटना के लिए पूरे मुस्लिम समुदाय को दोषी ठहराता है, तो मैं उनके खिलाफ भी एक दूसरे विचार के बिना कार्रवाई करूंगा। ऐसा नहीं होने देंगे। ”

येदियुरप्पा का ये बयान निज़ामुद्दीन मरकज मामले के सामने आने के बाद कोरोना के लिए मुस्लिमों को जिम्मेदार ठहराने के संदर्भ में आया है। समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के राजनीतिक सचिव और विधायक एम पी रेणुकाचार्य ने कहा, कुछ लोगों की गलती के लिए पूरे समुदाय को दोष देना गलत है। एक बात सच है प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बार-बार अपील करने के बाद भी उनमें से कुछ लोग जानबूझकर धार्मिक कारणों का हवाला देते हुए छिपने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि सीएम की चेतावनी का असर उनके खुद के एमएलए पर ही नहीं हो रहा है। दरअसल, भाजपा के एक विधायक ने मंगलवार को आरोप लगाया कि दिल्ली में तबलीगी जमात कार्यक्रम में शामिल होने वालों में से कुछ लोग सरकार की अपील के बाद भी जानबूझकर कोरोनावायरस की जांच ना कराने के लिए छिपे हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को गो’ली मारना ‘गलत नहीं’ होगा।

बीजेपी विधायक ने कहा कि ऐसा लगता है कि वे खुद तो मर रहे हैं, दूसरों को भी मारना चाहते हैं। यदि वे जमात में भाग लेने के बाद वापस लौटते ही डॉक्टर के पास चले जाते तो कोई समस्या नहीं होती।वहीं कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने भी कहा कि वह मुख्यमंत्री से सहमत हैं और किसी को भी एक समुदाय को निशाना नहीं बनाना चाहिए।

उन्होने कहा, “सीएम को सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक टिप्पणी पोस्ट करने वाले लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और एक आदेश जारी करना चाहिए।” इससे पहले, कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा ने अल्पसंख्यक विपक्षी विधायकों और एमएलसी के साथ बैठक की और उनसे समुदाय के भीतर यह संदेश देने का आग्रह किया कि जो लोग दिल्ली निजामुद्दीन मरकज समारोह में शामिल हुए थे, वे आए और सीआईडी ​​-19 का परीक्षण करवाएं।


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