गुलाम नबी आजाद पर लगे बीजेपी से मिलीभगत के आरोप, यूजर बोले – जुम्मन सिर्फ दरी बिछाने के लिए

नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी (CWC Meeting) कलह के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद पर राहुल गांधी ने से कथित तौर पर बीजेपी की मदद करने का आरोप लगाया है। जिसके बाद उन्होने अपने इस्तीफे की पेशकश की है।

दरअसल, आजाद की अगुवाई में ही वरिष्‍ठ कांग्रेसियों ने सोनिया को चिट्ठी लिखी थी। आजाद ने कहा कि अगर ‘बीजेपी से सांठ-गांठ के आरोप सिद्ध होते हैं तो मैं त्‍यागपत्र दे दूंगा। हालांकि आजाद की सफाई से असंतुष्ट प्रियंका गांधी ने कहा कि जो आप कह रहे हैं वह उससे ठीक उलट है जो आपने लेटर में लिखा है।

आजाद ने एनडीटीवी से बातचीत में सफाई देते हुए कहा कि पत्र भेजने से पहले उन्होंने सोनिया गांधी के निजी सचिव से दो बार बात की थी। उन्होंने कहा, “मुझे बताया गया कि वह नियमित जांच के लिए अस्पताल में हैं। फिर भीह हमने पत्र भेजने से पहले उनके (सोनिया गांधी) घर लौटने तक का इंतजार किया।”

इस मामले में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तंज कसा है। ओवैसी ने कहा, ”गुलाम नबी आजाद मुझ पर बीजेपी के लिए काम करने का आरोप लगाते रहे हैं। हालांकि, आज उनके पूर्व अध्यक्ष ही उनपर सवाल उठा रहे हैं। 45 साल से कांग्रेस से जुड़े गुलाम नबी आजाद साहब जब हैदराबाद आते हैं तो मुझ पर और मेरी पार्टी पर आरोप लगाते हैं कि हम बीजेपी को सपोर्ट कर रहे हैं।”

ओवैसी ने आगे कहा, ”आज राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने लेटर लिखकर और उस पर साइन करके बीजेपी की मदद की है। अब आजाद को यह सोचना है क्योंकि उनकी अपनी ही पार्टी के नेता ने कहा है कि वह बीजेपी को सपोर्ट करने वालों में से हैं।” ओवैसी ने कहा कि कोई भी जो कांग्रेस पार्टी और इसके नेतृत्व का विरोध करता है उसपर ‘बीजेपी की बी टीम’ का लेबल लगा दिया जाता है और गुलाम नबी आजाद भी यही करते रहे हैं।

ओवैसी ने कहा, ”आजाद मीडिया के सामने आए और कहा कि यदि वह बीजेपी की मदद कर रहे हैं तो इस्तीफा दे देंगे। यह साबित हो चुका है कि यदि आप कांग्रेस पार्टी का विरोध करते हैं, जैसा की मैं कर रहा हूं, मैं बीजेपी का भी विरोध कर रहा हूं, तो कांग्रेस पार्टी मुझ पर बी-टीम मेंबर का लेबल लगाती है। यदि उनकी पार्टी में कोई नेतृत्व का विरोध करता है तो वह बीजेपी से मिल चुका है।”

ओवैसी ने कहा कि कांग्रेस के सभी मुस्लिम नेताओं को इस मुद्दे पर सोचना होगा और विकल्प की तलाश करनी होगी। ओवैसी ने कहा, ”जो मुस्लिम नेता कांग्रेस में अपना समय खराब कर रहे हैं उन्हें इसके बारे में सोचना होगा। आज आप पर आरोप लगाया जाता है कि आप बीजेपी को सपोर्ट कर रहे हैं, तब आप कब तक कांग्रेस के गुलाम बने रहेंगे? जब आप गुलामी की जंजीर तोड़ेंगे और अपना फैसला खुद करेंगे तो विकल्प भी दिखेंगे।”

वहीं सोशल मीडिया पर भी इस मामले में बड़ी बहस छिड़ गई है। एक यूजर ने लिखा कि कथित सेकुलर पार्टियों में मुसलमान की हेसियत सिर्फ दरी बिछाने की है। तो वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि ये पार्टियों सिर्फ मुसलमानों का इस्तेमाल करना चाहती है।


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