PM के साथ बैठक में जम्मू-कश्मीर के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा शीर्ष एजेंडा होगा:  गुलाम नबी आजाद

इस सप्ताह जम्मू-कश्मीर के प्रमुख राजनीतिक नेताओं के साथ प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक से पहले, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने सोमवार को कहा कि “पूर्ण राज्य का दर्जा” की बहाली “एजेंडे में सबसे ऊपर” होगी। हालांकि इससे पहले वह इस बात पर अडिग थे कि वह जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा बहाल करने की मांग करेंगे।

बता दें कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद केंद्र सरकार द्वारा पहली बार ऐसी बैठक बुलाई जा रही है।

आज़ाद ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “सबसे ऊंची मांग राज्य की होगी (राज्य का दर्जा शीर्ष मांग होगी)। यह एजेंडे में सबसे ऊपर होगा। और सदन के पटल पर भी इसका वादा किया गया था। पूर्ण राज्य का दर्जा … एलजी के राज्य का नहीं।” अनुच्छेद 370 के बारे में पूछे जाने पर, कांग्रेस नेता ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर दोनों के पार्टी नेताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं, और इस पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।

उन्होने कहा, “मैं जम्मू और कश्मीर दोनों के कांग्रेस नेताओं से सलाह ले रहा हूं। उसके बाद, मैं अपनी पार्टी के नेतृत्व – कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह – और उन सहयोगियों से मार्गदर्शन मांगूंगा जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इसमें शामिल थे …. तो यह कहना जल्दबाजी होगी। हां, मैं कह सकता हूं कि पूर्ण राज्य का दर्जा एजेंडा में सबसे ऊपर होगा। “हम अपना रुख … नीति … परामर्श और विचार-विमर्श के बाद तैयार करेंगे।”

सूत्रों ने कहा कि बैठक के लिए पार्टी के रुख को अंतिम रूप देने के लिए कांग्रेस का जम्मू-कश्मीर नीति योजना समूह मंगलवार को बैठक करेगा। आजाद के अलावा, पैनल में मनमोहन सिंह, करण सिंह, पी चिदंबरम, एआईसीसी प्रभारी रजनी पाटिल, तारिक हामिद कर्रा और गुलाम अहमद मीर शामिल हैं।

आजाद ने इस तरह का कदम उठाने के लिए सरकार की सराहना की, उन्होंने कहा, “हमें स्वतंत्र रूप से चर्चा करने का अवसर मिलेगा।” माना जाता है कि आजाद के अलावा, बैठक के लिए आमंत्रित किए गए अन्य कांग्रेसी नेता पार्टी के जम्मू-कश्मीर प्रमुख गुलाम अहमद मीर हैं।