पीएम मोदी की अपील पर बोले चिदंबरम – दीया तो जलाएंगे, लेकिन दिहाड़ी मजदूर तो निराश हुए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देशवासियों से थाली बजाने की तर्ज पर रविवार की रात को नौ बजे दीया जलाने की अपील की है। मोदी की इस अपील पर पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि हम दीया जलाएंगे, लेकिन बदले में आप भी हमें, महामारी विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों को सुनें।”

पूर्व वित्त मंत्री ने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद कामकाजी वर्ग, कारोबारी और दिहाड़ी मजदूर निराश हुए जो आर्थिक विकास के लिए कुछ कदमों की उम्मीद लगाए हुए थे। चिदंबरम ने ट्वीट किया, ‘प्रधानमंत्री जी, हम आपकी सुनेंगे और पांच अप्रैल को दीया भी जलाएंगे। लेकिन बदले में आप हमारी, महामारी विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों की विवेकपूर्ण सलाह को सुनें।’

उन्होंने दावा किया, ‘हर कामकाजी महिला एवं पुरुष, कारोबारी से लेकर दिहाड़ी मजदूर तक सभी आपसे उम्मीद कर रहे थे कि आप अर्थव्यवस्था को संभालने और आर्थिक विकास के इंजन को फिर से आरंभ करने के लिए कुछ कदमों की घोषणा करेंगे। लोग दोनों मोर्चों पर निराश हुए।’ उन्होंने कहा, ‘प्रतीकात्मकता महत्वपूर्ण है, लेकिन विचारों एवं कदमों को लेकर गंभीरता से सोचना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।’

पी. चिदंबरम के अलावा कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि आज फिर प्रधान शोमैन को सुना। लोगों के दुख, आर्थिक चोट के बारे में कुछ नहीं कहा गया। भविष्य को लेकर क्या प्लान है और लॉकडाउन के बाद क्या होगा, इसपर कुछ नहीं कहा गया. सिर्फ एक फीलगुड मोमेंट तैयार किया गया।

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने भी इसपर सवाल खड़े किए और अपने ट्वीट में लिखा, ‘इन मसलों पर सरकार के कदम सुनने को नहीं मिले, वायरस को रोकना-टेस्टिंग किट्स-गरीबों को खाना पहुंचा-मजदूरों को आर्थिक मदद करना। दीया किसी मकसद से जलाएं, अंधविश्वास के लिए नहीं।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह अपने एक वीडियो संदेश में देशवासियों से दीया जलाने की अपील की है। पीएम ने कहा कि इस रविवार यानी 5 अप्रैल की रात को नौ बजे, आप नौ मिनट तक दीया या फिर मोबाइल का फ्लैश जलाएं. पीएम मोदी बोले कि इस एकता के जरिए हम कोरोना के अंधकार को मिटाएंगे।


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