दिग्विजय सिंह: सिंधिया को आरएसएस विरोधी टिप्पणियों के कारण भाजपा में उतना सम्मान नहीं मिला

भोपाल: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी जॉइन करने को लेकर कहा कि सिंधिया को अतीत में की गई आरएसएस विरोधी टिप्पणियों के कारण भाजपा में उतना सम्मान नहीं मिला। जैसा कांग्रेस में मिलता आया है।

दिग्विजय सिंह ने कहा, सिंधिया के पार्टी छोड़ने से उनको दुख हुआ है मगर दुख इस बात पर ज्यादा हुआ कि वो उस पार्टी में शामिल हो गए जिस पार्टी के लोगों ने उनको चुनाव में हराया। शायद उनको पीएम मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल होने की जल्दबाजी थी।

दिग्विजय सिंह ने जोर देकर कहा, “सिंधिया जब कांग्रेस में थे तो मुरैना से मंदसौर तक अपने कार्यकर्ताओं को पद देते और दिलवाते थे, मगर अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि बीजेपी में राजनेताओं की नहीं संघ की चलती उनको आने वाले दिनों में पार्टी और सरकार में उनको कोई पद और सम्मान मिलेगा मुझे नहीं लगता।”

इसके साथ ही उन्होने दल बदल कानून में बदलाव कर उसे और सख्त बनाया जाने पर ज़ोर दिया। उन्होने कहा, ‘(पूर्व प्रधानमंत्री) राजीव गांधी ने वर्ष 1985 में देश में सख्त दल बदल कानून लागू किया था। इस दल बदल कानून में बदलाव होना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘इस कानून में बंदिश होनी चाहिए कि दल बदलने वाला :विधायक या सांसद: छह साल तक कोई चुनाव न लड़ सके और न ही कोई पद ले सके।’

दिग्विजय सिंह ने कहा कि आज मतदाताओं द्वारा देश में आए जनमत के साथ खरीद-फरोख्त हो रहा है. इसलिए इस दल बदल कानून को और सख्त बनाया जाना चाहिए। कांग्रेस की ओर से राज्यसभा का चुनाव लड़ रहे दिग्विजय ने कहा, “गुजरात में जिस तरीके से कांग्रेस विधायकों की खरीद फरोख्त हुई वैसा एमपी में नहीं होगा, क्योंकि हमारे प्रदेश के विधायक लालची नहीं हैं। जितने लालची थे वो राज्यसभा चुनाव से पहले ही बीजेपी में चले गए हैं।

प्रदेश में आने वाले दिनों में चौबीस विधानसभाओं में उपचुनाव होने हैं दिग्विजय सिंह ने कहा कि पार्टी इन चुनावों के लिए अच्छी तैयारी कर रही है। हम इन चुनाव में जाकर यही कहेंगे कि लोकतंत्र को बचाने के लिए इन लालची लोगों को चुनाव में हराया जाए।


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