सनातनी परंपरा तोड़ने से हुआ अमित शाह और भाजपा नेताओं को कोरोना: दिग्विजय सिंह

5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर शिलान्यास को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह बीजेपी पर एक के बाद एक शब्द बाण छोड़ रहे है। उन्होने केन्द्रीय गृहमंत्री और भाजपा नेताओं के कोरोना संक्रमित पाये जाने को लेकर कहा किये सनातम हिंदू धर्म की मान्यताओं को नजरअंदाज करने का परिणाम है।

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि 5 अगस्त को भगवान राम के मंदिर शिलान्यास के अशुभ मुहुर्त के बारे में विस्तार से जगदगुरू स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज ने सचेत किया था। मोदी जी की सुविधा पर यह अशुभ मुहुर्त निकाला गया।यानि मोदी जी हिंदू धर्म की हजारो वर्षों की स्थापित मान्यताओं से बड़े हैं!! क्या यही हिंदुत्व है?

मोदी जी आप अशुभ मुहुर्त में भगवान राम मंदिर का शिलान्यास कर और कितने लोगों को अस्पताल भिजवाना चाहते हैं? योगी जी आप ही मोदी जी को समझाइए। आपके रहते हुए सनातन धर्म की सारी मर्यादाओं को क्यो तोड़ा जा रहा है? और आपकी क्या मजबूरी है जो आप यह सब होने दे रहे हैं?

दिग्विजय सिंह ने एक और ट्वीट करते हुए लिखा कि अब एक और प्रश्न उपस्थित होता है। उत्तर प्रदेश की मंत्री की कोरोना से मौत हो गयी। उत्तर प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष कोरोना पॉजिटिव भारत के गृहमंत्री कोरोना पॉजिटिव। इन हालातों में क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री को कोरोनटाइन नहीं होना चाहिए? क्या कोरोनटाइन में जाने की बाध्यता केवल आम जनता के लिए है? प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री के लिए नहीं है? 

उन्होने कहा, मैं मोदी जी से फिर अनुरोध करता हूँ 5 अगस्त के अशुभ मुहुर्त को टाल दीजिए। सैंकड़ों वर्षों के संघर्ष के बाद भगवान राम मंदिर निर्माण का योग आया है अपनी हठधर्मीता से इसमें विघ्न पड़ने से रोकिए। भगवान राम करोड़ों हिंदुओं के आस्था के केंद्र हैं और हज़ारों वर्षों की हमारे धर्म की स्थापित मान्यताओं के साथ खिलवाड़ मत करिए।

दिग्विजय सिंह की ओर से दिए गए बयान पर मध्य प्रदेश सरकार मंत्री नरोत्तम मिश्र ने पलटवार किया है। नरोत्तम मिश्र ने कहा कि प्राचीनकाल से यह होता आया है कि जब भी कोई अच्छा काम होना होता है, असुर उसमें समस्या पैदा करने की कोशिश करते हैं। दिग्विजय सिंह भी ऐसा ही कुछ कर रहे हैं।


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