मुसलमान नहीं दलित और आदिवासी बढ़ा रहे देश की आबादी: सपा नेता

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में  जनसंख्या वृद्धि पर अंकुश लगाने के लिए कानून लाने की घोषणा की है। ऐसे में समाजवादी पार्टी के विधायक इकबाल महमूद ने कहा कि कानून लाने की आड़ में सरकार मुसलमानों को निशाना बना रही है। उन्होने कहा, देश में मुसलमानों ने जनसंख्या नहीं बढ़ाई है। यहां पर तो दलित और आदिवासी जनसंख्या बढ़ा रहे हैं।

संभल से 6 बार विधायक रह चुके इकबाल ने कहा कि योगी ‘दरअसल यह जनसंख्या की आड़ में मुसलमानों पर वार है। बीजेपी के लोग अगर समझते हैं कि देश में सिर्फ मुसलमानों की तादाद बढ़ रही है तो यह कानून संसद के अंदर आना चाहिए था ताकि पूरे देश लागू होता। यह उत्तर प्रदेश में ही क्यों लाया जा रहा है।’

उन्होने कहा, ‘सबसे ज्यादा आबादी दलितों और आदिवासियों के यहां बढ़ रही है, मुसलमानों के यहां नहीं। मुसलमान तो अब समझ गए हैं कि दो-तीन बच्चों से ज्यादा नहीं होने चाहिए।’ उन्होंने कहा, एनआरसी की तरह इस कानून का हश्र भी होगा, जिस तरह असम में एनआरसी का असर मुसलमान पर कम बल्कि गैर मुस्लिम समुदाय पर ज्यादा दिखा।

इकबाल महमूद ने कहा उत्तर प्रदेश सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने का मुद्दा चुनाव के कारण उछाला है। यदि कानून बनाना ही था तो देश की संसद में पास कराते। यह सब भाजपा की वोट बैंक की रणनीति का हिस्सा है। भाजपा इसके जरिए समाज को बांटकर अपना वोट बैंक मजबूत करना चाह रही है।

उन्होने कहा, असम में जब एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) पर काम शुरू हुआ तो यदि हजार मुसलमान इसके जद में आए तो दस गुना यानी दस हजार हिंदू आबादी भी प्रभावित हुई तो कानून ठंड बस्ते में चला गया। असम में अनुसूचित जाति व जनजाति की संख्या ज्यादा है।