2021 में देश की जीडीपी माइनस में 7.3 फीसदी पहुंची, बीजेपी सांसद बोले – सरकार को मालूम नहीं कैसे सही किया जाए

भारत सरकार के ताजा आंकड़े के अनुसार वर्ष 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 7.3 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। यानि भारत की विकास दर -7.3 है। जो पिछले साल (2019-20) में यह 4 फीसदी थी। केंद्र सरकार ने इस साल फरवरी में जीडीपी में 8 फीसदी की गिरावट का अनुमान लगाया था।

इसके साथ ही देश का राजकोषीय घाटा भी बढ़ा है।वित्त वर्ष 2020-21 में राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 9.3 फीसदी रहा। यह वित्त मंत्रालय के संशोधित अनुमान 9.5 प्रतिशत से कम है।  महालेखा नियंत्रक (सीजीए) के अनुसार,पिछले वित्त वर्ष में राजस्व घाटा 7.42% था।

निरपेक्ष रूप से राजकोषीय घाटा 18,21,461 करोड़ रुपए अब है जो प्रतिशत में जीडीपी का 9.3% है। सरकार ने फरवरी 2020 में पेश बजट में 2020-21 के लिए शुरू में राजकोषीय घाटा 7.96 लाख करोड़ रुपये या जीडीपी का 3.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था।

वहीं सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन एकोनॉमी (CMIE) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी महेश व्यास के अनुसार, बेरोजगारी दर मई में 12 प्रतिशत तक पहुँच गई जो अप्रैल में 8 प्रतिशत थी। जिसका सीधा सा अर्थ है कि करीब एक करोड़ भारतीय बेरोजगार हो गए।

महेश व्यास ने सोमवार को कहा कि ‘‘अर्थव्यवस्था में कामकाज सुचारू होने के साथ कुछ हद तक समस्या का समाधान हो जाने की उम्मीद है। लेकिन यह पूरी तरह से नहीं होगा’’ व्यास के मुताबिक, जिन लोगों की नौकरी गई है, उन्हें नया रोजगार तलाशने में दिक्कत हो रही है, असंगठित क्षेत्र में रोजगार तेजी से पैदा होते हैं, लेकिन संगठित क्षेत्र में अच्छी नौकरियों के आने में समय लगता है।

इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने अर्थव्यवस्था को लेकर अपनी ही सरकार को निशाने पर लिया। उन्होने ट्वीट किया, “यूपीए की सरकार द्वारा बनाई गई अर्थव्यवस्था की गड़बड़ियों को मोदी सरकार ने और भी बढ़ाने का काम किया है। अर्थव्यवस्था को अभी भी सुधारा जा सकता है। लेकिन इस वक्त सरकार को यह नहीं मालूम कि यह सब कैसे किया जाए।”