कोरोना: गरीबों के हित में ममता सरकार का बड़ा फैसला – 6 महीने तक मुफ्त मिलेंगे गेहूं-चावल

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोरोना वायरस संक्रमण से उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनजर राज्य के गरीबों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए मुफ्त में गेहूं-चावल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।

दरअसल, पशिम बंगाल (West Bengal) में अभी तक 7.5 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को 2 रुपये प्रति किलो के हिसाब से गेहूं और चावल दिए जा रहे थे। लेकिन कोरोना वायरस के चलते ममता सरकार ने ऐलान किया कि अगले छह महीने तक सभी लाभार्थियों को चावल और गेहूं मुफ्त बांटे जाएंगे।

सीएम ममता ने कहा कि इस वायरस से बचने के लिए सभी अहम कदम उठाए जा रहे हैं। विदेश से आने वाले लोगों पर निगरानी रखी जा रही है। परीक्षण किटों की कमी है, हमने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि जांच किट और भेजी जाएं। राज्य में गुरुवार रात तक कोरोना वायरस से पीडि़त 2 मामले दर्ज किए गए हैं।

स्टेट इमरजेंसी रिलिफ फंड तैयार करने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से मुकाबला करने के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए अभी तक केंद्र सरकार ने राज्य को एक पैसा नहीं दिया है। इसलिए सोमवार 23 मार्च से उक्त फंड को चालू किया जाएगा जहां राज्य के बड़े कॉरपोरेट हाउसों, उद्योगपतियों सहित साधारण जनता आर्थिक सहयोग का हाथ बढ़ा सकती है।

सीएम की घोषणाओं पर एक नजर:
-7 करोड़ 85 लाख लोगों को 2 रुपए किलो चावल के बजाय अगले 6 महीने तक यानी सितंबर महीने तक मुफ्त में चावल उपलब्ध कराए जाएंगे।
– गैर सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति 50 फ़ीसदी करने का सुझाव, कर्मचारियों के कार्य अवधि में कटौती की जाए।
-आपात सेवा संयुक्त कर्मचारियों के लिए दुर्गापूजा के बाद विशेष छुट्टी की व्यवस्था।
– कोरोना जैसी आपदा में सहायता के लिए स्टेट इमरजेंसी रिलीफ फंड तैयार किया गया।


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