मणिपुर में कांग्रेस ने किया सरकार बनाने का दावा, राज्यपाल से की विशेष सत्र बुलाने की मांग

इंफाल. मणिपुर में भाजपा की गठबंधन वाली सरकार गिरने के कगार पर आ गई है। बुधवार को नेशनल पीपुल्स पार्टी के उप-मुख्यमंत्री वाई जॉय कुमार समेत नेशनल पीपुल्स पार्टी के चार मंत्रियों ने इस्तीफा दिया और वे सभी कांग्रेस में शामिल हो गए। साथ ही बीजेपी के तीन विधायकों ने इस्तीफा देकर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। इसके अलावा एक टीएमसी विधायक और एक निर्दलीय विधायक ने सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है।

ऐसे में अब कांग्रेस ने राज्यपाल से मिलकर फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की है। कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह को अपना नया नेता भी चुन लिया। एनडीए सरकार से इस्तीफा देने वाले नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के अध्यक्ष थांगमलेन किपगेन ने बताया, हमने राज्यपाल ने विधानसभा सत्र बुलाने और पूर्व सीएम और कांग्रेस विधायक दल के नेता ओ इबोबी सिंह के नेतृत्व में नवगठित सेक्युलर पीपुल्स फ्रंट (एसपीएफ) को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का आग्रह किया है। राज्यपाल को सौंपे पत्र में कांग्रेस को एनपीपी, तृणमूल कांग्रेस और एक निर्दलीय विधायक के समर्थन का दावा किया है।

कांग्रेस प्रवक्ता निंगोंबम भूपेंद्र मेइतेइ ने कहा कि मणिपुर में जल्द ही तीन बार के मुख्यमंत्री रह चुके इबोबी सिंह नए मुख्यमंत्री होंगे। प्रवक्ता भूपेंद्र ने भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार का गिरना भगवा पार्टी के पतन का प्रतीक है।

कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष वाई खेमचंद को हटाने के लिए बृहस्पतिवार को नोटिस भी दिया। कांग्रेस के विधायक के मेघचंद्र ने संविधान के अनुच्छेद 179 (सी) के तहत मणिपुर विधानसभा के सचिव को नोटिस सौंपा।इस अनुच्छेद के तहत विधानसभा के तत्कालीन सदस्यों के बहुमत से प्रस्ताव को पारित करके अध्यक्ष अथवा उपाध्यक्ष को उसके पद से हटाया जा सकता है।

मेघचंद्र ने नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के पूर्व उप मुख्यमंत्री वाई जॉयकुमार समेत दस सदस्यों के समर्थन का दावा करते हुए नोटिस को स्वीकार किए जाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सात विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने से संबंधित कार्यवाही के लिए अध्यक्ष ने अगली तारीख 22 जून निर्धारित की थी।

मेघचंद्र ने आरोप लगाया कि जबकि, बुधवार सुबह 11 बजे सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में इसे बिना किसी वैध कारण अथवा विवरण के घटाकर 18 जून कर दिया गया।उन्होंने आरोप लगाया, अध्यक्ष ने ” अधिनयाकवादी तरीके से आचरण किया है जो सदन की स्थापित परंपराओं और प्रक्रियाओं के खिलाफ है।”

ताजा घटनाक्रम के बाद 60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा नेतृत्व वाली सरकार अल्पमत में आ गई है। हालांकि विधानसभा की प्रभावी सदस्य फिलहाल संख्या 59 है क्योंकि एंद्रो सीट से कांग्रेस टिकट पर निर्वाचित श्याम कुमार सिंह को भाजपा में जाने की वजह से अयोग्य ठहरा दिया गया था।


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