कांग्रेस ने फिर लगाया अयोध्या में जमीन खरीद में घोटाले का आरोप, सुप्रीम कोर्ट से की जांच की मांग

कांग्रेस ने रविवार को  एक बार फिर से अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा जमीन की खरीद में घोटाले का आरोप लगाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सुप्रीम कोर्ट से सच्चाई का पता लगाने के लिए अदालत की निगरानी में जांच का आदेश देकर “अपनी जिम्मेदारी निभाने” का आग्रह किया।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर एकत्र किए गए धन की “लू’ट” अयोध्या में भाजपा नेताओं के हाथों “जारी” है। उन्होने प्रधान मंत्री और सर्वोच्च न्यायालय की “चुप्पी” पर भी सवाल उठाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि एक भाजपा नेता ने फरवरी में अयोध्या में 890 मीटर जमीन 20 लाख रुपये में लाकर मंदिर ट्रस्ट को 2.5 करोड़ रुपये में बेच दी, जिससे केवल 79 दिनों में 1250% का लाभ हुआ।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार भगवान राम के मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। क्या यह सर्वोच्च न्यायालय और उसके न्यायाधीशों और ट्रस्ट का गठन करने वाले प्रधान मंत्री की जिम्मेदारी नहीं है कि सच्चाई का पता लगाएं और इसकी जांच करें।

उन्होने पूछा, “क्या सुप्रीम कोर्ट को मामले का संज्ञान नहीं लेना चाहिए? सुप्रीम कोर्ट को अपने कर्तव्य का निर्वहन करना चाहिए… अपनी निगरानी में पूरे लेनदेन का ऑडिट करना चाहिए और दोषियों को दं’डित करना चाहिए।” उन्होंने कहा, “अब सवाल यह है कि क्या सुप्रीम कोर्ट और प्रधानमंत्री अपने कर्तव्य का निर्वहन करेंगे, हम इसे उनके विवेक पर छोड़ देते हैं।”

सुरजेवाला ने कहा कि यदि यह किसी की जिम्मेदारी है, तो यह प्रधान मंत्री मोदी की है क्योंकि उन्होंने इस ट्रस्ट का गठन किया था। उन्होंने कहा, “यह न केवल नैतिकता का सवाल है, बल्कि यह संवैधानिकता का भी सवाल है,” उन्होंने कहा कि अब गेंद प्रधानमंत्री के पाले में है कि वह क्या कार्रवाई करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम के नाम पर चंदा लू’टने वाले को जनता कभी माफ नहीं करेगी।