लोजपा में बगावत – राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाए गए चिराग पासवान

चिराग पासवान को उनकी पार्टी के सांसदों ने उनके खिलाफ बगावत करने के एक दिन बाद मंगलवार को उन्हे लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से हटा दिया। चिराग पासवान लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान के बेटे हैं। उन्होंने अपने पिता की मृ’त्यु के एक साल पहले 2019 में पार्टी प्रमुख के रूप में पदभार संभाला था।

लोजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की आपात बैठक में यह निर्णय लिया गया। सूरज भान सिंह को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, वह अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करने के लिए पांच दिनों के भीतर पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक बुलाएंगे।

सोमवार को लोजपा के छह में से पांच सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से कहा कि उन्होंने संसद में पशुपति कुमार पारस को पार्टी का नेता चुना है। पारस रामविलास पासवान के छोटे भाई हैं और चिराग पासवान के चाचा हैं।

चिराग पासवान के समर्थकों ने उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाने के फैसले का विरोध किया। उन्होंने पटना में पार्टी कार्यालय के बाहर लोजपा के पांच बागी सांसदों के पोस्टरों पर काली स्याही लगाई।

वहीं चिराग पासवान ने भी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुला कर पांचों सांसदों को निलंबित कर दिया। उन्होने अपने ट्वीट में कहा, ”पापा की बनाई इस पार्टी और अपने परिवार को साथ रखने के लिए किए मैंने प्रयास किया लेकिन असफल रहा। पार्टी मां के समान है और मां के साथ धोखा नहीं करना चाहिए। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। पार्टी में आस्था रखने वाले लोगों का मैं धन्यवाद देता हूं। एक पुराना पत्र साझा करता हूं।”