कपिल सिब्बल की बड़ी मांग – बागी जनप्रतिनिधियों के अगला चुनाव लड़ने पर लगे रोक

राजस्थान में जारी सियासी संग्राम के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने बड़ी मांग उठाते हुए कहा कि बागी जनप्रतिनिधियों के अगला चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जानी चाहिए। इसके साथ ही इनको पांच साल तक कोई सरकारी पद ग्रहण करने भी नही देना चाहिए।

सिब्बल ने दल-बदल विरोधी कानून में संशोधन की मांग करते हुए कहा  कि निर्वाचित सरकारों को सत्ता से बाहर करने के लिए ‘भ्रष्ट तरीकों के वायरस’ के खिलाफ ‘एंटीबॉडीज’ संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के संशोधन में निहित हैं।

सिब्बल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए ट्वीट भी किया, ”टीके की जरूरत है: निर्वाचित सरकारों को गिराने के लिए भ्रष्ट तरीकों का वायरस दिल्ली में वुहान जैसे केंद्र के जरिए फैल गया है।” उन्होंने आगे कहा, ‘इसके ‘एंटीबॉडीज दसवीं अनुसूची के संशोधन में निहित हैं। सभी दल-बदलुओं के पांच साल तक किसी सरकार पद पर रहने और अगला चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया जाए।’

राजस्थान के राजनीतिक संकट से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कोई कानून इस बगावत को नहीं रोक सकता। यह बहुत गलत बात है। उन्होंने कहा कि इसका सिर्फ एक ही समाधान है कि अगर कोई बगावत करे तो वह अगले पांच साल तक कोई सरकारी पद नहीं ग्रहण कर सके और अगला चुनाव भी नहीं लड़ सके।

कोलेजियम सिस्टम पर सिब्बल ने कहा कि न्यायाधीश भी इंसान होते हैं और वे भी निजी पसंद एवं नापसंद में पड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकर को भी शक्ति दे दी जाए तो वो इसका दुरुपयोग करेगी। कांग्रेस नेता कपिल सिब्ब्ल ने आस्था से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी और कहा कि उच्चतम न्यायालय को सबरीमला मंदिर के मामले पर विचार नहीं करना चाहिए था।


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