सिंधिया की दगाबाजी पर बोले गहलोत – ऐसे लोग जितना जल्द पार्टी छोड़ दें, उतना अच्छा

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बगावती तेवर को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि उन्होंने लोगों के भरोसे के साथ धोखा किया है। उन्होंने ना सिर्फ लोगों के भरोसे बल्कि विचारधारा से भी विश्वासघात किया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे लोगों ने यह साबित किया है कि ये लोग बिना सत्ता के नहीं रह सकते हैं। जितना जल्दी ये लोग जाएं उतना ही अच्छा है।

सीएम गहलोत ने कहा कि ऐसे समय में जबकि देश संकट में हो, बीजेपी के साथ हाथ मिलाना एक नेता की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को परिलक्षित करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अर्थव्यवस्था, लोकतांत्रिक संस्थानों और देश के सामाजिक ताने बाने को तहस नहस कर रही है।

सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद उनके समर्थक माने जाने वाले 22 विधायकों ने राज्यपाल के पास इस्तीफा भेज दिया है। इसी बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 6 पत्र बागी विधायकों को मंत्री पद से हटाने के लिए राज्यपाल को पत्र लिखा है। जिन 6 विधायकों को मंत्री पद से हटाने के लिए मुख्यमंत्री ने पत्र लिखा है उनके नाम इमरती देवी, तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युमन सिंह तोमर, डॉक्टर प्रभुराम चौधरी हैं।

बता दें कि इस्तीफा देने से पहले सिंधिया दिल्ली में सुबह अपने आवास से निकलकर सीधे गृहमंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे और इसके बाद शाह के साथ ही वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पहुंच गए। पीएम के आवास पर सिंधिया की बैठक सुबह 10.45 बजे शुरू हुई।

करीब एक घंटे तक पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच बैठक चली. पीएम मोदी से मुलाकात के बाद सिंधिया अमित शाह की कार में बैठकर ही बाहर निकले। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।


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